Bihar : बिहार का एक विश्वविद्यालय अचानक चर्चाओं से घिर गया। कॉलेज के नोडल पदाधिकारी की करतूत सुनकर हर कोई शर्मसार महसूस कर रहा है। अब विश्वविद्यालय के कर्मचारी ही उसके खिलाफ कार्रवाई होने की मांग कर रहे हैं।
मधेपुरा का बीएन मंडल विश्वविद्यालय आज चर्चा में है। वजह आपत्तिजनक है। बीएन मंडल विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी कॉलेज की चार छात्राओं के साथ अपने कार्यालय के कमरे में बंद मिले। इस बात की जानकारी होने के बाद जमकर हंगामा हुआ।
घटना के संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि नोडल पदाधिकारी डॉ. इंद्रकांत भारती के कार्यालय में बाहर से ताला लगा हुआ था। कई लोग उन्हें काम के सिलसिले में ढूंढ रहे थे। जब नोडल पदाधिकारी कॉलेज में नहीं मिले तब लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसी हंगामा के बीच लोगों ने चपरासी को ताला खोलने की बात कही। लोगों के दवाब को देखकर एक कर्मचारी आया और उसने कार्यालय में लगा ताला खोल दिया। फिर क्या था, ताला खुलते ही कमरे के अंदर से सबसे पहले अधिकारी बाहर निकले। फिर वहां मौजूद लोग कार्यालय के अंदर घुस गये और फिर अंदर का नजारा देखकर जमकर हंगामा करने लगे।
घटना के संबंध में अब भीड़ में शामिल लोग यह पूछने लगे कि आखिर ऐसा कौन सा काम था, जिसके लिए नोडल अधिकारी छात्राओं के साथ एक कमरे में बंद थे। इस घटना की जानकारी होते ही पूरा कॉलेज प्रशासन वहां जमा हो गया। लोगों के द्वारा शोर मचाने पर नोडल पदाधिकारी डॉ. इंद्रकांत भारती ने दलील देते हुए कहा कि छात्राओं के पिता के नाम में गड़बड़ी थी, जिसका सुधार किया जा रहा था। नोडल पदाधिकारी डॉ. इंद्रकांत भारती ने कहा कि इसी वजह से छात्राओं को अंदर बुलाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि यह सारी लड़कियां मेरी बेटी के समान हैं। फिलहाल इस मामले की चर्चा खूब हो रही है।