शराब कारोबार से जुड़े एक मामले में सुपौल के अनन्य विशेष न्यायाधीश उत्पाद-2 अमित कुमार की कोर्ट ने शुक्रवार को दो लोगों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने रतनपुर थाना कांड संख्या 44/23 की सुनवाई के क्रम में नामजद दोनों को सात मई को ही दोषी करार दिया था। शुक्रवार को सजा पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों को पांच-पांच साल का साधारण कारावास और एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक राम निरंजन रजक ने बताया कि मामले में तीन अगस्त 2023 को रतनपुर थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह के बयान पर केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ढ़ेना निवासी सुबोध पासवान के घर छापेमारी के लिए जा रही थी। इस दौरान स्थानीय उमेश प्रसाद शर्मा ने पुलिस को देख भागने का प्रयास किया। लेकिन पकड़ कर जांच करने पर उसकी जेब से चार बोतल नेपाली देसी शराब बरामद हुआ।
यह भी पढ़ें: रास वर्ल्ड मार्शल आर्ट के 6 खिलाड़ी भारतीय टीम में चयनित, काठमांडू में आयोजन
वहीं, पूछताछ के क्रम में उसने सुबोध पासवान से शराब खरीद की जानकारी दी। पुलिस ने सुबोध के घर छापेमारी कर 60 बोतल नेपाली देसी शराब बरामद किया। शराब बरामदगी के बाद दोनों की विधिवत गिरफ्तारी की गई। कोर्ट में ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शिवजी मंडल और जौहर मंडल ने पक्ष रखा।
जुर्माना नहीं चुकाने पर भुगतना होगा अतिरिक्त कारावास
विशेष लोक अभियोजक राम निरंजन रजक ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी उमेश प्रसाद शर्मा को पांच साल की साधारण कैद और एक लाख रुपये जुर्माने सुनाया। जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने की अतिरिक्त साधारण कैद होगी। इसके अलावा 2500 रुपये का अलग से जुर्माना भी लगाया गया है। यह राशि नहीं देने पर 30 दिन की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। वहीं, आरोपी सुबोध पासवान को पांच साल की साधारण कैद और एक लाख रुपये जुर्माना सुनाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी।
यह भी पढ़ें: एनटीपीसी परियोजना हाई अलर्ट पर, सुरक्षा की कमान सीआईएसएफ के जिम्मे