धरना प्रदर्शन के दौरान राजद नेता प्रो. चंद्रशेखर
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मधेपुरा में बुधवार को इंडिया (महागठबंधन) की ओर से आक्रोशपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। इसमें महागठबंधन के विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्र व सदर विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने कहा कि सुशासनी, भ्रष्टाचारी, अपराधियों को पालने वाली सरकार के खिलाफ मधेपुरा से बिगुल फूंक दिया गया है। उन्होंने कहा कि यहां भ्रष्टाचार बेलगाम है। अंचल से लेकर राज्य मुख्यालय तक भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे हैं।
राजद नेता प्रो. चंद्रशेखर ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ भ्रष्टाचारी पदाधिकारी के हाथों में सत्ता संचालित है। इसके खिलाफ संपूर्ण बिहार के अंदर नौजवानों, किसानों, मजदूरों और छात्रों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि संविधान प्रदत्त आरक्षण को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। किसानों को एमएसपी कानून की गारंटी नहीं मिल रही है। खाद की कालाबाजारी हो रही है। स्मार्ट मीटर के नाम लूट मची है। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर मधेपुरा में विशाल महा धरना का आयोजन किया गया है। राजद के वरिष्ठ नेता ने कहा कि धरना प्रदर्शन में आए लोगों की भीड़ बता रही है कि लोग अफसरशाही से त्रस्त हो चुके हैं। लोग अब बदलाव चाहते हैं।
वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह यादव ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार में हत्या, लूट और अफसरशाही बढ़ गई है। सरकारी कार्यालय में लूट मची है। कहीं कोई देखने वाला नहीं है। इसके खिलाफ अब इंडिया गठबंधन ने संघर्ष शुरू कर दिया है।
वहीं, भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि बिहार में सरकारी योजनाओं में लूट मची है। किसी की जान सुरक्षित नहीं है। मां-बहनों का रोज चीरहरण हो रहा है। आजादी के 77 वर्ष के बाद भूमिहीनों को बासगीत पर्चा पर जमीन नहीं मिली। वह कीड़े-मकोड़े की तरह जीने को विवश हैं। किसानों को फसलों का समर्थन मूल्य नहीं मिला। बाढ़-सुखाड़ का स्थायी निदान नहीं हो पाया। इसके खिलाफ आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।
भाकपा माले के जिला संयोजक रामचंद्र दास ने कहा कि सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दो लाख सहायता राशि भुगतान करने के लिए 60 हजार रुपये का आय प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्देश दे।