सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र के गौसपुर गांव में हो रहे मंदिर निर्माण कार्य को रोकने के प्रयास में पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में सलखुआ पुलिस और कुछ ग्रामीणों के बीच तीव्र विरोध नजर आ रहा है। हालांकि वीडियो की पुष्टि नहीं कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार की बताई जा रही है।
स्थानीय निवासी राजकुमार पासवान और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एक सार्वजनिक मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा था। पुलिस ने कुछ ग्रामीणों की शिकायत के बाद निरीक्षण के लिए स्थल का दौरा किया और मंदिर निर्माण कार्य को रोकने का निर्देश दिया। इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए और बल को मंगवाया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने गाली-गलौज की और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी कोई इस तरह की शिकायत करता है, पुलिस बिना जमीन का कागजात देखे पहुंच जाती है।
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ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों से सवाल किया कि यदि जमीन सरकारी है तो उसका कागजात किसी के पास नहीं है, फिर क्यों कुछ लोग मंदिर निर्माण में विघ्न डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने कुछ ग्रामीणों को पकड़कर थाने ले जाने के लिए गाड़ी में बैठाया था, लेकिन विरोध के बाद उन्हें रास्ते में मारपीट कर छोड़ दिया गया।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पुलिस शिकायतकर्ता से जमीन के कागजात नहीं मांगती और मंदिर निर्माण को रोकने के लिए कार्रवाई करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सलखुआ अंचल के अमीन द्वारा पहले नापी कर सभी को संतुष्ट किया गया था, फिर भी कुछ लोग पुलिस का पक्ष लेकर मंदिर निर्माण में रुकावट डालने की कोशिश कर रहे हैं।