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Bihar News: मधेपुरा के तीन मजदूरों की गुरुग्राम में दम घुटने से मौत, आज शव पहुंचेगा गांव; परिवार में मातम

Sun, 06 Oct 2024 01:57 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा

सार

Madhepura News: मधेपुरा के तीन मजदूर एक-एक कर वाटर टैंक में गए, लेकिन कोई भी बाहर नहीं निकला। पुलिस आने के बाद जब उन्हें बाहर निकाला गया तो साथी मजदूरों के होश उड़ गए, सभी की जान जा चुकी थी। पढ़ें पूरी खबर...।
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पत्नी के साथ राजकुमार, पत्नी और बच्चे के साथ मो. समद तथा मो. सगीर (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के गुरुग्राम में एक दर्दनाक हादसे में मधेपुरा के तीन मजदूरों की मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब ये मजदूर एक निर्माणाधीन मकान के ग्राउंड फ्लोर पर बने वाटर टैंक की शटरिंग खोलने के लिए अंदर उतरे थे। उसी दौरान तीनों की दम घुटने से मौत हो गई। घटना के बाद तीनों मृतकों के गांवों में मातम का माहौल है। मृतकों के घरों में तीन दिनों से चूल्हा तक नहीं जला है। शव आज रविवार को गांव पहुंचने की उम्मीद है।

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जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम के हंस एंक्लेव इलाके में शुक्रवार सुबह यह हादसा हुआ। मजदूरों में से एक शटरिंग खोलने के लिए वाटर टैंक के अंदर गया था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। उसे देखने के लिए दूसरा मजदूर भी टैंक में उतरा और वह भी बाहर नहीं आया। जब दोनों मजदूर नहीं लौटे तो वहां मौजूद मिस्त्री भी अंदर चला गया, पर वह भी बाहर नहीं आया। अन्य मजदूरों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक तीनों की दम घुटने से मौत हो चुकी थी।
 
मृतकों में मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थानाक्षेत्र के पड़वा नवटोल वार्ड-5 निवासी मो. हामिद के बेटे मो. सगीर (40), मो. इस्लाम के बेटे मो. समद (35) और कुमारखंड थानाक्षेत्र के लक्ष्मीपुर चंडीस्थान निवासी महंथी साह के बेटे राजकुमार साह (25) शामिल हैं। इन तीनों की मौत से परिवारजनों में गहरा दुख और निराशा छा गई है।
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मो. समद की पत्नी ने बताया कि उनके चार छोटे बच्चे हैं, जिनमें सबसे छोटी बेटी सिर्फ चार महीने की है। समद एक महीने पहले ही मजदूरी के लिए गुरुग्राम गए थे। गुरुवार रात उनकी आखिरी बार पत्नी से बात हुई थी, जिसमें उन्होंने बच्चों का ध्यान रखने की बात कही थी और जल्द ही पैसे भेजने का वादा किया था। शुक्रवार सुबह जब पत्नी ने फोन किया, तो मोबाइल बंद था। इसके बाद उन्हें पति की मौत की खबर मिली।
 
इसी तरह, मो. सगीर के पिता ने बताया कि वह करीब छह महीने पहले गुरुग्राम गए थे। दो दिन पहले उन्होंने घर आने और अपनी बेटी की शादी की तैयारी करने की बात कही थी। सगीर के तीन बेटियां और दो बेटे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद से उसकी पत्नी और बूढ़ी मां का रो-रो कर बुरा हाल है।
 
वहीं, राजकुमार साह की शादी सात महीने पहले ही हुई थी। उसकी पत्नी गर्भवती है और मौत की खबर सुनकर बेहोश हो गई। घर की माली हालत खराब होने के कारण राजकुमार गुरुग्राम में मजदूरी करने गया था। परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है।
 
तीनों मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है। तीन दिनों से मृतकों के घरों में चूल्हा नहीं जला है। गांव के लोग परिवारों को ढांढ़स बंधाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है।

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