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Bihar: बाढ़ में बह कर आए जंगली भैंसे ने ली दो लोगों की जान, सुपौल में लोगों ने NH-106 को जाम कर किया प्रदर्शन

Wed, 02 Oct 2024 02:45 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल

सार

Supaul News: हमले में दो लोगों की मौत होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क जामकर वन विभाग से मांग की कि जंगली भैंसे को तुरंत पकड़ा जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर भैंसे को नहीं पकड़ा गया तो और लोगों की जान जा सकती है।
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सड़क जाम कर प्रदर्शन करते परिजन और ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुपौल जिले में कोसी नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद जंगली जानवरों का खतरा बढ़ गया है। बुधवार को बसंतपुर प्रखंड के भगवानपुर पंचायत के वार्ड-02 में नेपाल के जंगल से बह कर आए एक जंगली भैंसे (अड़ना) ने दो लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में भुवनेश्वर मंडल (50) और मुकेश कुमार (25) की मौके पर ही मौत हो गई।

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जानकारी के अनुसार, भुवनेश्वर मंडल सुबह अपने खेत में पटवन कर रहे थे, जब अचानक जंगली भैंसे ने उस पर हमला कर दिया। हमले में भुवनेश्वर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मदद के लिए दौड़ने वाले मुकेश कुमार पर भी भैंसे ने हमला कर दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।
 
आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन 
घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोगों ने नाराज होकर एनएच-106 को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और वन विभाग से मांग की कि जंगली भैंसे को तुरंत पकड़ा जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर भैंसे को नहीं पकड़ा गया तो और लोगों की जान जा सकती है। ग्रामीणों ने दोपहर दो बजे तक सड़क पर बैठकर जाम जारी रखा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
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लोगों को समझाने में जुटी रही पुलिस
इस बीच, भीमनगर थानाध्यक्ष दीपक कुमार और स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। वीरपुर वन प्रमंडल के अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि उनके पास बड़े जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए संसाधन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए पटना से विशेष टीम को बुलाना होगा।
 
स्थानीय प्रशासन ने यह भी कहा कि कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ ही जंगली जानवरों का प्रवास भी बढ़ गया है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना बढ़ गई है। इस घटना ने बाढ़ के कारण हुई तबाही के बीच नई चुनौतियों को जन्म दिया है।
 
मृतकों के परिजनों में कोहराम 
इस घटना के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वन विभाग समय पर कार्रवाई करता, तो यह हादसा टल सकता था। स्थानीय लोगों ने मुआवजे की भी मांग की है, ताकि पीड़ित परिवारों की आर्थिक स्थिति को ठीक किया जा सके।

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