Bihar : राज्यकर्मी का दर्जा की मांग करने वाले वैसे नियोजित शिक्षक अब अपनी नौकरी से हाथ धो बैठेंगे जो विगत 6 महीनों से विद्यालय से गायब हैं। केके पाठक ने सभी डीएम और डीईओ को ऐसे उन शिक्षकों को चिन्हित कर उनके ख़िलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
विगत छह महीनों से विद्यालय से गायब राज्यकर्मी का दर्जा लेने वाले शिक्षकों के लिए बुरी खबर है। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने वैसे सभी सभी नियोजित शिक्षकों को नौकरी से बर्ख़ास्त करने का आदेश जारी किया है, जो विगत छह महीने या 6 महीने से अधिक समय से विभाग को बिना सूचना दिए विद्यालय से गायब हैं। केके पाठक ने ज़िला पदाधिकारियों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को ऐसे सभी नियोजित शिक्षकों को चिन्हित कर उनके ख़िलाफ कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है।
विज्ञापन
जानिए क्या लिखा है पत्र में
पिछले 6 महीने से नियोजित शिक्षकों की लगातार जांच की जा रही है। इस दौरान कई तरह की अनियमितता पाई गई। इस बात की जानकारी देने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा विभिन्न प्रकार की कार्रवाई की गई। पत्र के अनुसार बिना स्वीकृति के विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले कई शिक्षकों का वेतन तो काटा गया लेकिन जब अन्य गंभीर मामलों में उनके निलंबन की कार्रवाई की अनुशंसा की गई तो संबंधित नियोजन इकाईयों ने उन शिक्षकों पर कोई विशेष कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए सभी जिलों के जिला पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वैसे सभी शिक्षकों की सूची बनाकर उनपर कार्रवाई करें जो अपने अपने विद्यालय से गायब हैं।
दो चरणों में बांटा शिक्षकों को
केके पाठक के द्वारा जारी किए गये पत्र में नियोजित शिक्षकों जो बिना सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित हैं, विभाग ने उन्हें दो चरणों में बांटा है। पत्र के अनुसार
विज्ञापन
नियोजित शिक्षक जो 6 महीने से कम अवधि से विद्यालय से बिना सूचना के गायब हैं, ऐसे नियोजित शिक्षकों के निलंबन की कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी, जिसमें केवल 34 शिक्षक ही नियोजन इकाईयों के द्वारा निलंबित किए गए हैं। दूसरे चरण में वैसे नियोजित शिक्षक हैं, जो 6 महीने से अधिक अवधि से विद्यालय से गायब हैं। ऐसे कुल 582 नियोजित शिक्षक हैं, जिनमें से कई शिक्षक 2 साल से अधिक अवधि से गायब हैं। ऐसे सभी मामलों में बर्खास्त की अनुशंसा की गई किंतु केवल 13 शिक्षकों की बर्खास्त की हुई और केवल 10 शिक्षक ही निलंबित हुए। यहां पढ़िएपूरा पत्र।