कोसी नदी एक बार फिर कहर बरपाने लगी है। चौथम प्रखंड के सिसुआ गांव में कोसी नदी के दाहिने तट पर तेज़ और खतरनाक कटाव से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। नदी का बदलता मिजाज अब रिहायशी इलाकों और उपजाऊ खेतों के लिए सीधा खतरा बन चुका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-2 (FCD-2), खगड़िया के अभियंताओं को मौके पर निरीक्षण के निर्देश दिए थे। अभियंताओं की टीम ने 5 जुलाई को स्थल का दौरा कर एक विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी। रिपोर्ट में कटाव की भयावहता का खुलासा हुआ है।
जांच में सामने आया कि कोसी नदी अपने दाहिने तट पर लगभग 25 फीट की ऊंचाई तक ऊर्ध्वाधर कटाव कर रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कटाव स्थल से महज 60 मीटर की दूरी पर एक ग्रामीण सड़क है, जो गांव के संपर्क का मुख्य मार्ग है। आसपास की बस्तियां, खेत और करोड़ों की जनसंपत्ति इस आपदा की चपेट में आ सकती है।
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रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार को पत्र लिखकर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की। जिलाधिकारी के पत्र पर तेजी से कार्रवाई करते हुए प्रधान सचिव ने ड्रोन के माध्यम से सिसुआ गांव की ताजा तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग कराने का आदेश जारी किया है, ताकि स्थिति का सटीक आकलन किया जा सके और समय रहते बचाव कार्य आरंभ किया जा सके।
इस बीच FCD-2 के अभियंताओं ने जानकारी दी है कि जल संसाधन विभाग द्वारा बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू करने का आदेश जारी कर दिया गया है और यह कार्य चरणबद्ध रूप से शुरू हो चुका है। प्रशासन और विभाग की संयुक्त सक्रियता से उम्मीद की जा रही है कि समय रहते हालात पर काबू पाया जा सकेगा।