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महारैली में लोगों से राष्ट्रगान गाने को कहा और खुद ही लाइनें भूले कन्हैया कुमार

Thu, 27 Feb 2020 10:37 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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Kanhaiya Kumar - फोटो : Twitter
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में बिहार के पटना में स्थित ऐतिहासिक गांधी मैदान में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार की रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान कन्हैया ने लोगों से राष्ट्रगान गाने का आह्वान किया, लेकिन वह खुद ही इसे गाने में गलती कर गए। जिसको लेकर विपक्ष उन्हें निशाने पर ले सकता है। 

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रैली में लोगों को संबोधित करते हुए सीपीआई नेता ने सीएए को काला कानून बताया और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने संविधान बचाओ नागरिकता बचाओ महारैली में गृहमंत्री अमित शाह को जमकर घेरा और दिल्ली हिंसा के लिए राजनीतिक पार्टियों को जिम्मेदार ठहराया। 

इसके बाद कन्हैया ने मंच से ही लोगों से कहा कि वह राष्ट्रगान गाएं और खुद भी राष्ट्रगान गाने लगे। लेकिन वह राष्ट्रगान को गलत गाने लगे। कन्हैया राष्ट्रगान की पंक्तियों को सही तरह नहीं गा पाए। वहीं, अब राजनीतिक दल उनकी इस गलती का फायदा उठाना चाहेंगे। 
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कन्हैया की इस महारैली में तुषार गांधी, मेधा पाटकर, आइशी घोष ( जेएनयू छात्र संघ), अलका लांबा, कन्नन गोपीनाथन समेत नजीब की मां फातिमा नफीस व रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला भी मौजूद थीं। 

सीपीआई नेता ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली में हुई हिंसा के लिए राजनीतिक पार्टियां जिम्मेदार हैं, जिन्होंने अपने एजेंडे के लिए आग लगाई है। उन्होंने कहा कि देश को यह तय करना हैं कि वह गांधी जी के रास्ते पर चलना चाहता हैं या गोडसे के रास्ते पर। 

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