मधुबनी में हुई हिंसक घटनाओं और उग्र भीड़ पर हुई पुलिस फायरिंग की जांच के लिए बिहार सरकार ने न्यायिक जांच आयोग के गठन का निर्णय लिया है। यह आयोग पटना उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच करेगा। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव विजय प्रकाश ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
इस बैठक में 12 अक्तूबर को मधुबनी में उग्र भीड़ द्वारा की गयी हिंसक घटनाओं और इसके बाद हुई पुलिस फायरिंग की न्यायिक जांच के लिये गृह विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी। श्री प्रकाश ने बताया कि पटना उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश उदय सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग के गठन का निर्णय लिया गया है। यह आयोग मधुबनी में हुई हिंसक घटनाओं के कारणों व परिस्थितियों की जांच करेगा।
प्रधान सचिव कहा कि साथ ही मधुबनी शहर में पुलिस फायरिंग के औचित्य की जांच और आवश्यकता अनुसार दायित्व के निर्धारण का कार्य भी आयोग के क्षेत्राधिकार में शामिल है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बैठक में वित्तीय वर्ष 2012-13 में बिहार उर्दू अकादमी के माध्यम से मदरसा इस्लामियां शमसुल होदा पटना की स्थापना के 100 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में शताब्दी समारोह के आयोजन के लिये बिहार उर्दू अकादमी को 20 लाख रुपये राज्य आकस्मिक निधि से अग्रिम प्रदान करने पर भी सहमति दी गयी है।