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महागठबंधन में तकरार: मांझी ने बुलाई हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर की कोर समूह की बैठक

Tue, 07 Jul 2020 12:50 PM IST
आसिम खान पीटीआई, पटना
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जीतन राम मांझी (फाइल फोटो)
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बिहार में महागठबंधन में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के दल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर ने 10 जुलाई को पार्टी के कोर समूह की बैठक बुलाई है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर के राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश रिजवान ने सोमवार को बताया कि महागठबंधन में समन्वय समिति बनाए जाने के लिए उनकी पार्टी द्वारा दी गई समय सीमा की मियाद खत्म हो जाने के बाद यह एक महत्वपूर्ण बैठक है। उन्होंने बताया कि उक्त बैठक में महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए जाएंगे।

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जीतन राम मांझी ने कहा, कांग्रेस ने कहा है कि वे (गठबंधन में) 10 जुलाई तक चीजों को सुलझा लेंगे। यह उनके निर्णय पर निर्भर करता है, यदि वे मध्यस्थता करने में सक्षम हैं और हमारी मांग पूरी हुई तो ठीक है, अन्यथा हम 11 तारीख को अपने फैसले की घोषणा करेंगे।

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर के प्रदेश प्रवक्ता अमरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि दल के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव संतोष कुमार सुमन ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के निर्देश पर उनके पटना स्थित आवास पर 10 जुलाई को उक्त बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि 10 जुलाई को होने वाली इस बैठक में पार्टी द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी 11 जुलाई को संवाददाता सम्मेलन में दी जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि मांझी आसन्न बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में एक समन्वय समिति के गठन की मांग लगातार करते रहे हैं और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर के कोर समूह की गत 26 जून को आयोजित बैठक में इसके लिए 30 जून तक का समय दिया गया था। इस बीच, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता निखिल आनंद ने मांझी द्वारा घोषित 10 जुलाई के नए अल्टीमेटम पर राजद पर आरोप लगाते हुए कहा, महागठबंधन में जीतन राम मांझी से ज्यादा बेइज्जती किसी पार्टी नेता की नहीं हुई।

उन्होंने आरोप लगाया, 'यह सुनकर बहुत दु:ख होता है कि तेजस्वी यादव (राजद नेता) एक युवा हैं और एक बुजुर्ग, सम्मानित एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का कभी फोन तक नहीं उठाते हैं। निखिल ने कहा, मांझी जी बिहार के एक पुराने सम्मानित नेता हैं। मांझी जी को अल्टीमेटम की नई तारीख पर स्पष्ट निर्णय लेकर अपना राजनीतिक सम्मान बचाना चाहिए।

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