जदयू और राजद के गठबंधन पर मची खींचतान के बीच राज्य के पूर्व सीएम नेता जीतन राम मांझी ने नई टिप्पणी की है। मांझी ने कहा है कि जब राजद के नेता और खुद तेजस्वी कह चुके हैं कि वो इस्तीफा नहीं देंगे तो नीतीश को इंतजार नहीं करना चाहिए।
मांझी ने ये भी कहा कि अगर इतना सब होने के बावजूद भी वो इस्तीफा न देने की बात पर अड़े हुए हैं तो नीतीश कुमार को चाहिए कि वो खुद गठबंधन से अलग हो जाएं। उन्होंने जदयू को भाजपा के सपोर्ट की बात फिर से दोहरा दी है।
मांझी बोले कि वो हमारे पुराने साथी रह चुके हैं, उन्होंने हमारे साथ काम किया है। अगर नीतीश सरकार बचाने के लिए भाजपा से समर्थन के लिए कहते हैं तो बीजेपी को भी समर्थन की बात पर विचार करना चाहिए।
जेडीयू नेता बोले- तेजस्वी पर फैसला होकर रहेगा, इंतजार कीजिए
तेजस्वी यादव
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जेडीयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि तेजस्वी पर फैसला होकर रहेगा, वक्त का इतंजार कीजिए। दूसरी ओर आरजेडी ने यह साफ किया है कि वह इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि उनके साथ 80 विधायक हैं। दरअसल, सीएम नीतीश कुमार की पार्टी ने साफ कर दिया था कि जिनको आरोपी बनाया गया है, उम्मीद करते हैं कि वे तथ्यों के साथ जनता के समक्ष अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
जदयू नेता रमई राम ने कहा था कि किसी भी फैसले के लिए बैठक में नीतीश कुमार को अधिकृत कर दिया गया है। चार दिन बाद जारी गतिरोध को लेकर सबकुछ साफ हो जाएगा। सुशील मोदी ने कहा कि लालू के पास अब केवल एक विकल्प है कि वो तेजस्वी से इस्तीफा दिला कर सरकार बचा लें। उन्होंने कहा कि ये पुलिस की नहीं बल्कि सीबीआई की एफआईआर है और तथ्यों के आधार पर ही सीबीआई एफआईआर दर्ज करती है।
एनडीटीवी ने सूत्रों हवाले से लिखा है कि लालू यादव इस पूरे प्रकरण पर एक नया दांव चल सकते हैं। खबरों के मुताबिक, तेजस्वी ही नहीं बल्कि आरजेडी के 12 अन्य मंत्री भी उनके साथ इस्तीफा दे सकते हैं। हर हाल में लालू यादव, नीतीश कुमार को बीजेपी के साथ नहीं देना चाहते हैं। इसलिए उनकी रणनीति है कि नीतीश सरकार को आरजेडी बाहर से समर्थन करती रहेगी। इस दांव से लालू जहां अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा बचाने में कामयाब हो सकते हैं, वहीं नीतीश कुमार पर भी एक दबाव बना सकते हैं।