बशिष्ठ नारायण सिंह-उपेंद्र कुशवाहा
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा मुश्किलों से घिरे हुए हैं। पार्टी के दो विधायकों के बगावती संकेत के बाद अब पार्टी के दूसरे सांसद रामकुमार शर्मा ने भी कुशवाहा से संबंध तोड़ने के साफ संकेत दे दिए हैं। जिसके कारण नीतीश और कुशवाहा के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है।
इसी बीच जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण का उपेंद्र कुशवाहा को लेकर एक बयान आया है। उनका कहना है कि नीतीश कुमार या जेडीयू की तबीयत किसी के कुछ कहने से प्रभावित नहीं होती है। यह बयान उन्होंने कुशवाहा द्वारा हाल ही में नीतीश कुमार को लेकर की गई टिप्पणी पर दिया है। कुशवाहा सीट बंटवारे को लेकर काफी समय से नाराज चल रहे हैं। उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है जब हाल ही में कुशवाहा ने शरद यादव से दिल्ली में मुलाकात करके एनडीए छोड़ने की अटकलों को तेज कर दिया था।
इससे पहले कुशवाहा लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल से भी नजदीकियां बढ़ाते हुए नजर आ चुके हैं। भाजपा सूत्रों के मुताबिक पार्टी के अंदर मची महाभारत के बीच कुशवाहा ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलने का समय मांगा है। इसके लिए वह दिल्ली पहुंचे हैं। वहीं अमित शाह इस समय चुनावी रैली में व्यस्त हैं लेकिन वह शाम तक दिल्ली वापस आ जाएंगे। हो सकता है कि वह कुशवाहा से मुलाकात करेंगे।
कुशवाहा पिछले काफी समय से सीट बंटवारे को लेकर नाराज हैं। भाजपा पहले ही साफ कर चुकी है कि नीतीश बड़े भाई हैं और राज्य में अगला चुनाव उनके ही नेतृत्व में लड़ा जाएगा। इसी वजह से कुशवाहा नाराज चल रहे हैं। उन्हें केवल दो सीटें दी गई हैं। लगता नहीं है कि भाजपा और जेडीयू कुशवाहा के लिए अपने बंद दरवाजे खोलने वाली है। इसी वजह से कुशवाहा को काफी पापड़ बेलने पड़ रहे हैं।
मगर भाजपा उन्हें ज्यादा भाव देने के मूड में दिखाई नहीं दे रही है। इसी बीच कुशवाहा की पार्टी से सांसद रामकुमार शर्मा ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वह लगातार जदयू और सीएम नीतीश कुमार के संपर्क में हैं।
पार्टी के तीन सांसदों में से एक अरुण कुमार ने पहले ही कुशवाहा से दूरी बना रखी है। जदयू, भाजपा और लोजपा में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद बिहार में सीट बंटवारे की घोषणा करने पर सहमति बन गई है। नए फार्मूले के तहत जदयू-भाजपा को 17-17 व लोजपा को 6 सीटें देने की बात कही जा रही है।