जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष RCP सिंह के भाजपा ज्वाइन करते ही जदयू के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने उनपर जमकर हमला बोला। शुक्रवार दोपहर ललन सिंह ने कहा कि आरसीपी सिंह को जहां जाना था वहां चले गए। उन्होंने RCP सिंह पर भ्रष्ट्राचार का आरोप लगाते हुए कहा कि लोग कहते थे कि आरसीपी टैक्स। यह क्या है?, उनको बताना चाहिए। वह वसूलते होंगे तो उन्हें जरूर पता होगा। ललन सिंह यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि आरसीपी सिंह बिहार में गड़बड़ करना चाह रहे थे, लेकिन उनकी गड़बड़ी पकड़ी गई। बिहार में 7 पार्टियों का महागठबंधन बन गया और उन्हें भागना पड़ा। ललन सिंह ने कहा कि वह भाजपा के एजेंट के रूप में जदयू में काम कर रहे थे। अब सब साफ हो गया। नीतीश कुमार ने उनपर आंख बंदकर विश्वास किया। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया।
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का सफाया निश्चित
ललन सिंह ने भाजपा पर भी जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा दिल्ली और महाराष्ट्र की सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने केंद्र सरकार को आईना दिखाया है। साथ ही उन्होंने कहा कि कर्नाटक में एग्जिट पोल के अनुमान से कहीं ज्यादा संख्या में भारतीय जनता पार्टी चुनाव हार रही है। भाजपा आने वाले समय में जहां भी चुनाव लड़ेगी वहां हारेगी। ललन सिंह ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का सफाया निश्चित है। उन्होंने कहा कि पूरे कर्नाटक चुनाव में भ्रष्टाचार सबसे बड़ा मुद्दा था उसके बाद इन लोगों ने धार्मिक उन्माद फैलाना शुरू किया देश के प्रधानमंत्री को किस स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया गया है या जनता देख रही है। ललन सिंह ने कहा कि 2017 में छापेमारी हुई तो हम लोग अलग हो गए 5 साल तक कुछ नहीं हुआ जैसे 2022 में हम लोग साथ आए तो छापेमारी शुरु हो गई। के पालतू तोते का इस्तेमाल होने लगा है।
जानिए, भाजपा में शामिल होने पर क्या बोले थे RCP सिंह
11 मई को दिल्ली में भाजपा में शामिल होने के बाद RCP सिंह ने कहा था कि नीतीश कुमार आजकल कह रहे हैं कि देश में कोई काम नहीं हो रहा। मैं पूछता हूं कि देश में अगर कोई काम नहीं हो रहा तो भारत कैसे विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। जरा सोचिए कि देश कहां चला गया और बिहार अब भी कहां है? तंज कसते हुए कहा कि वह केवल बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। वह ऐसे मुख्यमंत्री हैं तो तीन दिन में तीन अलग-अलग राज्य में गए। पहले दिन
उड़ीसा, दूसरे दिन
झारखंड और तीसरे दिन
महाराष्ट्र में हैं। आप विपक्षी एकता की बात करते है लेकिन बिना नेता के कैसे विपक्षी एकता होगी। विपक्ष का तो कोई नेता ही नहीं है।