जदयू प्रवक्ता विनय चौधरी व अन्य
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बिहार के दरभंगा में बेनीपुर के जदयू विधायक सह पार्टी प्रवक्ता विनय कुमार चौधरी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार चाहती ही नहीं है कि दरभंगा में एम्स का निर्माण हो। उन्होंने कहा 2015 में जब अरुण जेटली जी वित्त मंत्री थे। तब उन्होंने बजट में दरभंगा एम्स को शामिल किया था और आज 2023 तक यह नहीं बन सका। चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा नहीं है कि दरभंगा में एम्स बने। इस कारण मिथिलांचल के लोगों को ये लोग भटका रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2024 में केंद्र में हमारी सरकार बनेगी और हमारी पार्टी दरभंगा में एम्स का निर्माण कराएगी।
विनय चौधरी ने बिना नाम लिए पूर्व स्वाथ्य मंत्री पर हमला किया। चौधरी ने कहा कि उन्होंने एक टीम सर्वे करने के लिए भेजी कि एम्स के लिए दरभंगा उपयुक्त है। उस समय तत्कालीन स्वाथ्य मंत्री भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर भी बैठे थे।
चौधरी ने कहा कि यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार योजना को स्वीकृत करती है और राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराती है। जब नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव दिया कि डीएमसीएच को ही अपग्रेड करके उसे एम्स बना दिया जाए। तो इस पर भी उस सहमति नहीं बनी थी। जबकि उस समय NDA की सरकार ही बिहार में चल रही थी। उस समय जो टीम ने डीएमसीएच का मुआयना किया। उसने रिपोर्ट किया कि यहां की भूमि एम्स निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं है।
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि लोगों की मांग थी कि डीएमसीएम परिसर में अगर एम्स बनेगा तो डीएमसीएच का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने भाजपा वालों से पूछा कि वह दरभंगा को दो अस्पताल देना चाहते हैं कि एक अस्पताल। यह बताएं भाजपा वाले लोगों को।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दरभंगा से गहरा लगाव है। इस कारण उनकी प्रबल इच्छा है कि दरभंगा में डीएमसीएच के अलावा एम्स का निर्माण हो। इसके लिए वे दिन रात प्रयासरत हैं। इसी का नतीजा है कि जब केंद्रीय टीम ने डीएमसीएच की भूमि को खारिज किया तो तत्काल दरभंगा डीएम से बात करके भूमि तलाश कर देने को कहा। इसी का परिणाम है कि शोभन में जमीन केंद्र सरकार को उप्लब्ध कराई गई। जब उसी केंद्रीय टीम ने इस भूमि का मुआयना किया तो टीम ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि ये जमीन सबसे उपयुक्त जमीन है एम्स के निर्माण के लिए।