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केंद्र से बाढ़ राहत राशि न मिलने पर जदयू ने जताई नाराजगी, कहा- गरीब लोगों के साथ अन्याय

Thu, 09 Jan 2020 10:24 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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जदयू महासचिव केसी त्यागी - फोटो : फाइल फोटो
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विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में भाजपा और जदयू के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला बाढ़ राहत राशि का है। केंद्र सरकार ने इस मद में उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और मध्यप्रदेश के लिए राशि आवंटित करने का तो फैसला किया है, मगर बिहार का मामला टाल दिया है। जदयू ने इसे राज्य के गरीबों के साथ अन्याय बताते हुए केंद्र सरकार से भूल सुधार करने की उम्मीद जताई है। कहा जा रहा है कि केंद्रीय टीम नए सिरे से फिर से बाढ़ के कारण हुए नुकसान का जायजा लेगी, इसके बाद बिहार पर फैसला होगा।

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दरअसल मंगलवार को राष्ट्रीय बाढ़ राहत आपदा कोष में राज्यों की ओर से आए अनुरोध पर गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की उपस्थिति में बैठक हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश को 956 करोड़, कर्नाटक को 1869 करोड़ और मध्यप्रदेश को 1749 करोड़ देने का फैसला हुआ। बिहार के बारे में नए सिरे से केंद्रीय टीम भेजने का फैसला हुआ। इससे पहले भी बिहार की 4000 करोड़ की मांग के बदले राज्य को महज 400 करोड़ रुपये दिये गए। जबकि उस दौरान कर्नाटक को 1200 करोड़ और महाराष्ट्र को 600 करोड़ रुपये दिए गए।

जदयू महासचिव केसी त्यागी ने इसे राज्य की गरीब जनता के साथ अन्याय बताया। उन्होंने इस फैसले पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि नीतीश सरकार तो 2000 करोड़ रुपये बाढ़ पीड़ितों के खाते में भेज भी चुकी है। यह अन्याय है। बीते साल बिहार में दो दो बार बाढ़ के कारण हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति बर्बाद हुई थी। पार्टी को उम्मीद है कि केंद्र सरकार अपनी इस भूल में जल्द सुधार करेगी।
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गौरतलब है कि इससे पहले कुछ वर्ष पूर्व राज्य के सीएम नीतीश कुमार ने पीएम मोदी के समक्ष एक ही मंच पर पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय घोषित करने की मांग की थी। मगर पीएम ने अपने भाषण में नीतीश की मांग का जिक्र तक नहीं किया।

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