गुजरात में कथित फर्जी एनकाउंटर में मारी गई इशरत जहां का जन्म बिहार के पटना में हुआ था और उसका बचपन भी इसी शहर में बीता था। करीब 20 साल पहले इशरत का परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया था।
इशरत के मामा एम रहमान ने बताया कि उसका जन्म 1985 में पटना के खगौल इलाके में हुआ था। वह अपने नाना के साथ सुल्तानगंज क्षेत्र के शाहगंज मोहल्ले में किराये के एक मकान में रहती थी।
क्या है इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर केस?
पटना विश्वविद्यालय में लैब असिस्टेंट के पद पर कार्यरत रहमान ने बताया कि इशरत ने स्कूली पढ़ाई पटना में ही की थी। इशरत के दादा वली मोहम्मद पटना के खगौल इलाके में रहते थे। इशरत के पिता मोहम्मद शमीम रजा पटना में भवन निर्माण के कारोबार से जुड़े थे।
इशरत की छोटी बहन मुसरत जहां ने भी बताया कि वह जब दो-तीन साल की थी तभी उसका परिवार मुंबई जाकर रहने लगा था।
मोदी को मारने नहीं आए थे इशरत और उसके साथी
मुसरत ने बताया कि हमारी मां शमीमा कौसर मूल रूप से बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर की रहने वाली हैं और हमारा परिवार अब भी बिहार जाता रहता है।
वहीं, जदयू के राज्यसभा सांसद अली अनवर ने इस मामले पर कहा कि हम चाहेंगे कि बिहार की बेटी को इंसाफ मिले।
'इशरत मामले में दोषियों को सजा मिले'
इशरत जहां एनकाउंटर मामले में सीबीआई के चार्जशीट दाखिल करने के एक दिन बाद गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि जो भी दोषी हैं, उन्हें सजा जरूर मिली चाहिए।
शिंदे का यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि मामले में आईबी के अधिकारी राजेंद्र कुमार और तीन अन्य अफसर भी जांच के दायरे में हैं।
सीबीआई ने बुधवार को अदालत में कहा था कि 19 वर्षीय इशरत को गुजरात पुलिस और आईबी के संयुक्त अभियान में फर्जी एनकाउंटर में मारा गया था।
‘सीबीआई कांग्रेस के इशारे पर सिर्फ नरेंद्र मोदी को फंसाने के नजरिए से ही जांच कर रही है। वह इस मामले में लश्कर-ए-ताइबा की भूमिका की जांच को क्यों नजरअंदाज कर रही है। जबकि ऐसा पता चला है कि इशरत और शेख को आतंकी संगठन ने अपनी वेबसाइट पर शहीद की तरह पेश किया है।’--रवि शंकर प्रसाद, राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता