बाहरी व्यक्ति के लिहाज़ से देखें तो बिहार चुनाव का मतलब केवल जाति है, लोग केवल जाति देखकर वोट देते हैं और हमेशा ऐसा ही होता है।
यह सही है कि बिहार में जाति के आधार पर लोग वोट देते आए हैं, यादव समुदाय के लोग बड़ी संख्या में राजद को वोट देते आए हैं।
इसी तरह कुर्मी जाति के मतदाता बड़ी तादाद में नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) के लिए मतदान करते हैं। दूसरी ओर, सवर्ण जाति अमूमन भारतीय जनता पार्टी को वोट देती है, दलित मतदाता रामविलास पासवान को अपना वोट देता आया है।
इस बार जीतन राम मांझी पर भी उनकी नजरें होंगी, लेकिन आम लोग केवल जाति के आधार पर ही वोट देते हों, ऐसा नहीं है।
विकास कितना अहम मुद्दा है?
लोग विकास के लिए भी वोट देते हैं, विकास की परिभाषा अलग अलग लोगों के लिए अलग होती है।