रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह के यहां छापेमारी में सीबीआई को आय से अधिक संपत्ति का पता चला है। इंस्पेक्टर के पास पांच करोड़ से अधिक की संपत्ति और शहर के प्रमुख बैंकों में लॉकर की जानकारी मिली है।
आरोपी इंस्पेक्टर पहले से ही पोस्टल एनएससी घोटाले और अवैध तरीके से रेलवे की संपत्ति बेचने के मामले में भी आरोपी है। इन मामलों में संजय कुमार सिंह फरार है। सीबीआई पोस्टल एनएससी घोटाले में पहले से ही जांच कर रही है।
सीबीआई ने आरपीएफ विजिलेंस रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। रविवार को दूसरे दिन भी सीबीआई की टीम ने राजेंद्र नगर टर्मिनल स्थित आरपीएफ पोस्ट पहुंच कर कागजात खंगाले।
सीबीआई संजय कुमार की संपत्ति का आकलन कर रही है। सोमवार को इंस्पेक्टर के लॉकरों को खंगाला जाएगा। सीबीआई जल्द ही उससे पूछताछ करेगी।
सीबीआई को छापेमारी में आरा गार्डेन में पांच मंजिला मकान, एक होटल और एक्जिबिशन रोड में फ्लैट का पता चला है। इंस्पेक्टर की पत्नी के नाम पर भी शेयर बाजार में बड़ी राशि के निवेश होने की बात सामने आई है। साथ ही इंस्पेक्टर पर अवैध तरीके से रेलवे की संपत्ति बेचने का भी आरोप है।
पोस्टल एनएससी मामले में पटना जंक्शन पर 15 साल पहले रेलवे ब्रैक वैन से लगभग 80 करोड़ से अधिक मूल्य के एनएससी चुरा लिए गए थे। उन एनएससी के जरिए कई विभागों में ठेका लिया गया था। इस मामले में सीबीआई डाक विभाग और राज्य सरकार के कई विभागों के अधिकारियों की भूमिका को भी संदिग्ध मान रही है।