पटना के हवाई अड्डा थाने में आरोपी आए रात में, केस दर्ज हुआ सोमवार को 11 बजे।
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लौटने पर फ्लाइट और लेट होती वरना उतार देते
"एयर होस्टेस के साथ जो कुछ भी कर रहे थे- वह अति था। वह उन्हें जो बोल रहे थे, वह शब्द भी मैं दुहरा भी नहीं सकता। धक्का-मुक्की भी किया। इसपर एनाउंस कर समझाया गया कि अगर यह हरकत बंद नहीं हुई तो हंगामा करने वाले यात्रियों को फ्लाइट से उतार दिया जाएगा। यह सब 15-20 मिनट तक हो चुका था, इसलिए अब कुहासे में लौटकर वापस बोर्डिंग वाली जगह पर जाना और उड़ान के लिए नंबर लगाना संभवत: केबिन क्रू को उचित नहीं लगा। संभवत: कैप्टन अपने कंट्रोल या कंपनी से कुछ बात कर भी आए और समझाने भी लगे। लेकिन, नशे में चीख रहे दोनों युवा यात्रियों ने उनसे हाथापाई कर ली। वह बार-बार धमका रहे थे, किसी बड़े नाम का धौंस जमा रहे थे। एक तो बार-बार अपनी पहुंच बता रहा था। इसी दौरान कैप्टन को एक ने मोबाइल में कुछ फोटोज दिखाए तो केबिन क्रू के लोगों ने ही धीरे से मामले को शांत करा अपनी जगह पकड़ ली। रात 8:25 में फ्लाइट पटना आ गई थी, लेकिन धुंध के कारण 8:45 के आसपास लैंड हो सकी। मेरे लिए सुबह वह खबर आश्चर्यजनक थी, जिसमें एयर होस्टेस के साथ बदतमीजी को किनारे रख इंडिगो ने बयान दिया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ और यह भी आश्चर्यजनक था कि एक आदमी बच निकला। नागर विमानन निदेशालय (DGCA) को चाहिए कि वह हर यात्री से इस यात्रा वृतांत को सुने और इंडिगो के केबिन में रिकॉर्ड हुए घटनाक्रम को देखकर सच-झूठ का फैसला करे। गलत पर कार्रवाई करे।"
(अगली खबर में...बताएंगे धौंस किसकी, लोग किसके?)