विजय सिंह के बेटे को सांत्वना देते सम्राट चौधरी। शाम में कहा- पूरे परिवार को गोद लेगी बिहार भाजपा।
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दिवंगत विजय सिंह के पांच मिनट का हिसाब नहीं
इधर बिहार भाजपा के नेता प्रदेश कार्यालय में दिवंगत विजय सिंह के शव पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर रहे थे और उधर सरकार भाजपा के दावे की काट निकालने में पूरी तरह भिड़ी हुई थी। रात करीब 10 बजे पटना के SSP राजीव मिश्रा ने संवाददाता सम्मेलन भी किया और सरकार ने औपचारिक जानकारी भी दी- CCTV से यह पता चला है कि विजय सिंह अपराह्न 13:22 बजे गांधी मैदान पटना के जेपी गोलंबर से निबंधन कार्यालय, छज्जूबाग की तरफ जा रहे थे। यह डाकबंगला रोड से अलग है।13:27 बजे अपराह्न उसी रास्ते में दुर्गा अपार्टमेंट के सामने खाली रिक्शा दिखता है, जिसपर वह 13:32 बजे अपराह्न तारा हॉस्पीटल पहुंचे। घटनास्थल दुर्गा अपार्टमेंट के निकट से तारा हॉस्पीटल जाने में रिक्शा से लगभग 05 मिनट का समय लगा। इससे यह स्पष्ट होता है कि विजय सिंह के साथ कोई भी घटना 13:22 से 13:27 बजे के बीच छज्जूबाग क्षेत्र में ही हुई है। इस बीच वे डाकबंगला पहुंच भी नहीं सकते थे। 13:22 से 13:27 के दरम्यान क्या हुआ, इसके प्रमाण के रूप में सीसीटीवी फुटेज पुलिस को नहीं मिला है। पुलिस ने हर हिस्सा छान लिया, लेकिन इन पांच मिनट का कोई फुटेज नहीं मिला।
देर रात सीसीटीवी फुटेज की जानकारी एसएसपी राजीव मिश्रा ने संवाददाता सम्मेलन कर दी।
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अब भाजपा की रणनीति क्या हो सकती है
पुलिस-प्रशासन ने वीडियो फुटेज भी जारी किया है, जिसमें हॉस्पिटल जाते समय विजय सिंह बेहोश नजर आ रहे थे। ऐसे में सीसीटीवी करवेज मुक्त जगह पर पांच मिनट के दरम्यान क्या हुआ, इसमें भाजपा के पास सिर्फ एक हथियार है। यह वही हथियार है, जिसे सरकारी अफसरों ने पहले चलाया था- भरत प्रसाद चंद्रवंशी। चंद्रवंशी ने भगदड़ में गिरने और सिर में चोट लगने की बात वीडियो में कही थी और यह वीडियो भी सरकार ने ही जारी किया था। मतलब, अब भाजपा के पास अपने दावों को साबित करने के लिए यही पांच मिनट और उसी प्रत्यक्षदर्शी (भरत प्रसाद चंद्रवंशी) के बयान का सहारा है।