मुंबई में लगा नीतीश कुमार यह पोस्टर
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मगर, बेंगलुरु में नीतीश पर हमला हुआ
पोस्टरों की बात करें तो बेंगलुरु में हुई भाजपा-विरोधी दलों की दूसरी बैठक राहुल गांधी से ज्यादा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पोस्टरों के नाम पर चर्चित हुई। कांग्रेस शासित राज्य में राहुल गांधी को प्रोजेक्ट किया जाना आश्चर्यजनक नहीं था, लेकिन यहां नीतीश कुमार को 'प्रधानमंत्री पद का अस्थिर प्रत्याशी' बताते हुए पोस्टरबाजी हुई थी। जहां भी राहुल गांधी के बड़े-बड़े पोस्टर लगे थे, वहीं आसपास बिहार के निर्माणाधीन पुल के गिरने की तस्वीर के साथ नीतीश के बारे में यही प्रचारित किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बैठक के लिए बेंगलुरु पहुंचने पर जब यह पोस्टर दिखा और मीडिया में बात आयी तो कांग्रेस सरकार ने पोस्टर हटवाए। इस बैठक के बाद नीतीश कथित तौर पर नाराज होकर मीडिया से बात किए बगैर वापस आए थे। उन्होंने नाराजगी की खबरों को पटना में एक दिन बाद निराधार बताया था।
मुंबई में तो स्वागत हो रहा है नीतीश का
मुंबई में होने वाली भाजप-विरोधी इंडिया गठबंधन की बैठक से कुछ ही दिन पहले जदयू ने 18 प्रदेशों में पार्टी के अध्यक्षों के नाम की घोषणा की थी। अब जब वह गुरुवार को मुंबई पहुंचे तो उनके स्वागत में जदयू के पोस्टर भी नजर आए। इन पोस्टरों के मायने अभी नहीं निकाले जा सकते, लेकिन इतना तो तय है कि कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक में नीतीश के खिलाफ जो माहौल पोस्टरों से बना था- उससे अलग मुंबई में स्वागत हो रहा है। यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी एक नेता का महाराष्ट्र में अच्छा प्रभाव है और ग्रैंड हयात होटल के रास्ते पर नीतीश कुमार के स्वागत की तस्वीरें इंडिया गठबंधन के बाकी नेताओं को भी साफ-साफ दिख रही हैं।