केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता राष्ट्रीय राजमार्गों के समान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी सड़कें गांवों की जीवन रेखा हैं।
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गिरिराज सिंह ने विशेष रूप से कचरे का उपयोग करते हुए हरित प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि यह सड़क निर्माण को पर्यावरण के अनुकूल बनाता है। ग्रामीण सड़कों के निर्माण में नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। जिसके चलते लागत में 10 से 15 प्रतिशत प्रति किमी की कमी करने में मदद करती हैं।
केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने कहा कि ग्रामीण सड़कों पर यात्रा करना उतना ही आरामदायक होना चाहिए जितना कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर होता है ताकि जब यात्री राजमार्गों से ग्रामीण सड़कों की ओर बढ़ें, तो उन्हें कोई अंतर महसूस न हो।
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ग्रामीण विकास विभाग के सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 7 लाख किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया है जिससे ग्रामीण जनता की सामाजिक आर्थिक स्थिति को ऊपर उठाने में मदद मिली है।