किशनगंज में शकील मर्डर केस एक बार फिर से चर्चा है। शकील के परिजनों लगातार मांग के बाद गुरुवार को उसकी लाश क्रब से निकाला गया। इस दौरान मजिस्ट्रेट, पुलिस-प्रशासन, डॉक्टरों की टीम और स्थानीय लोग मौजूद थे। अलताबाड़ी गावं स्थित कब्रिस्तान में कब्र से लाश निकाली गई। हालांकि, लाश पूरी तरह गल चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डॉक्टर की टीम आगे प्रक्रिया कर रही है।
7 माह पहले मिली थी फंदे से लटकी हुई लाश
परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। हमलोग लगातार पुलिस-प्रशासन से पोस्टमार्टम की गुहार लगा रहे थे। काफी मशक्कत बाद यह संभवन हो पाया। बता दें कि बहादुरगंज थाना क्षेत्र के अलताबारी गावं निवासी शकील आलम की विगत 7 माह पूर्व शव संदिग्ध अवस्था में फांसी के फंदे से लटका मिला था। घटना के बाद पंचायती कर शकील की लाश को कब्रिस्तान में परिजनों द्वारा दफना दिया गया था। कुछ दिन बाद परिजनों शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग लेकर प्रदर्शन करने लगे। जब पुलिसकर्मियों ने बात नहीं सुनी तो आमरण अनशन पर बैठ गए। इसके बाद एसपी ने पोस्टमार्टम का आश्वासन दिया तो परिजनों ने अनशन तोड़ा।
संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी
इधर, गांव में पंचायती के बाद न्याय न मिल पाने की परिस्थिति में शकील परिजनों द्वारा किशनगंज न्यायालय में लिखित शिकायत दर्ज करवाकर न्याय की फरियाद लगाई गई। इसके बाद शकील हत्याकांड के मुख्य गवाह उसके साले मिन्हाज की भी 28 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी। हालांकि, पुलिस ने शकील के हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।