बिहार में नीतीश सरकार अयोग्य शिक्षकों को स्कूल से विदा करने का कठोर फैसला लेने जा रही है। राज्य की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने कई ऐसे कदम उठाने का फैसला किया है जो काफी कठोर कहे जा सकते हैं।
बृहस्पतिवार को हुई विभागीय बैठक के बाद सरकार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेगी। तीन बार पात्रता परीक्षा में फेल होने वाले नियोजित शिक्षकों को सरकार ने हटाने का फैसला किया है। मुुख्य सचिव के अनुसार जो शिक्षक सक्षम नहीं हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से वीआरएस दिया जाएगा। 50 साल से अधिक उम्र वाले ऐसे शिक्षकों और अधिकारियों की भी छुट्टी करने का फैसला किया गया है, जो अक्षम हो चुके हैं। खराब रिजल्ट वाले स्कूलों की भी पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अगस्त तक लगातार विभागों की समीक्षा करेंगे। बृहस्पतिवार को सीएम नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की, जिसमें उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने हिस्सा लिया।