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सोशल मीडिया का हीरो बना बिहार का युवा डीएम, जानिए क्यों

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जात पात और छुआछूत से जूझते देश के ग्रामीण इलाकों को इस गंभीर बीमारी के दंश से बचाने के लिए बिहार के एक डीएम की पहल पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर उनकी एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें वह एक स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर मिड डे मील खाते दिख रहे हैं।
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उनके पास ही खड़ी है स्कूल में मिड डे मील बनाने वाली विधवा रसाईया सुनीता कुमार। इसी विधवा रसोइया को लेकर स्कूल में हंगामा मचा हुआ था, जिसका पटाक्षेप करने के लिए डीएम राहुल कुमार खुद स्कूल में पहुंचे थे।

आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि मामला है क्या। असल में जिले के बरौली के कल्याणपुर राजकीय माध्यमिक विद्यालय में सुनीता कुमार छात्रों के लिए मिड डे मील बनाने का काम करती थीं।
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विधवा के हाथ का खाना बच्चों को नहीं खिलाना चाहते थे ग्रामीण

लेकिन फरवरी 2014 में ग्रामीणों ने यह आरोप लगाकर कि उसके विधवा के हाथ का खाना खाने का बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ेगा, उसे खाना बनाने से रोक दिया। कुछ दिन पहले प्रधानाचार्य ने उसे दोबारा खाना बनाने के लिए नियुक्त करने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने स्कूल में तालाबंदी कर दी।

ग्रामीण तभी माने जब तय हो गया कि वह स्कूल में खाना नहीं बनाएगी। अपनी इस पीड़ा को लेकर सुनीता डीएम राहुल कुमार के जनता  दरबार में पहुंच गई। इस पर डीएम ने उसे ही स्कूल में खाना बनाने के निर्देश दिए, लेकिन वह यह भी जानते थे कि ग्रामीणों को इतनी आसानी से समझाना मुश्किल है।

इसलिए वह बीते दिनों खुद ही स्‍कूल पहुंच गए। उस समय सुनीता कुमार बच्चों के लिए मिड डे मील तैयार कर रही थी। डीएम राहुल ने उसका बनाया खाना मंगाया और वहीं बच्चों के बीच में बैठकर खाने लगे।
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अपनी सादगी के लिए मशहूर हैं युवा डीएम राहुल कुमार

डीएम को यूं बच्चों के बीच में विधवा रसोइया द्वारा बनाया खाना खाते देख ग्रामीणों पर भी गजब का प्रभाव हुआ। डीएम राहुल कुमार ने इस वाकये की फोटो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर की तो सोशल मीडिया पर उन्हें हाथों हाथ लिया गया।

हर कोई उनके इस काम की तारीफ करता नजर आया। युवा आईएएस ने बताया कि इस घटना के बाद से सुनीता की मदद करने के लिए भी काफी लोग आगे आए हैं। उन्होंने बताया कि कनाडा निवासी पूर्व अधिकारी ने सुनीता की मदद करने की इच्छा जताई है।

ऐसा नहीं है कि गोपालगंज का यह युवा डीएम पहली बार इस तरह अच्छे कामों को लेकर चर्चा में आया है। क्षेत्र में उनकी पहचान सादगी और तत्परता से अपना काम करने वाले अधिकारी की है। कुछ दिन पूर्व ही बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान आम लोगों के बीच लाइन में लगकर वोट देने की उनकी तस्वीर भी अखबारों की सुर्खियां बनी थी।
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