वरीय नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ रंजना कुमार
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डॉ रंजना कुमार (नेत्र रोग विशेषज्ञ)
वरीय नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ रंजना कुमार का कहना है कि हमारे यहां होली में हुडदंग होता है। बिहार में रंग के साथ-साथ कीचड़ होली मशहूर है। ऐसे में आँखों का बचाव सबसे ज्यादा जरूरी है क्यों कि आँख बहुत कोमल अंग होता है। किसी भी तरह का केमिकल युक्त रंग आपके आँखों को नुकसान पहुंचा सकता है।
यह न करें
वरीय नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ रंजना कुमार का कहना है कि रंगों में सबसे खराब हरा रंग होता है। अगर आपके आँखों में रंग चला जाय तो आप अपनी आँखों को रगड़ें नहीं। क्यों कि उन रंगों या अबीरों में कुछ ऐसे कण होते हैं जो आँखों को रगड़ने पर आँख की पुतली में खरोंच हो सकती है।
यह करें काम
वरीय नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ रंजना कुमार का कहना है कि अगर आपकी आँखों में रंग चला जाए तो तुरंत अपने आँखों पर साफ पानी का छींटा मारें। अगर आप डॉक्टर के पास नहीं जा सकते हैं तो तत्काल आर्टिफिसियल टियर अपने आँखों में डाल सकते हैं। डॉ रंजना कुमार का यह भी कहना है कि अगर एक दिन के अंदर आपको आराम नहीं मिलता है, आँखों में जलन बनी रहती है या आपको धुंधलापन नजर आता है तो तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से सम्पर्क करें।
वरीय शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ पी पी मिश्रा
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डॉ पी पी मिश्रा (शिशु रोग विशेषज्ञ)
वरीय शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ पी पी मिश्रा का कहना है कि होली में आप अपना ख्याल तो रखें ही लेकिन साथ ही साथ बच्चों पर भी विशेष ध्यान रखें। होली के समय खानपान को लेकर बच्चे काफी उत्साहित रहते हैं। ऐसे में उनका स्वास्थ्य बेहतर रह सके इसके लिए जरुरी है कि उन्हें घर का खाना खिलाएं ,संतुलित आहार खिलाएं, खूब पानी पिलाने की कोशिश करें और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि होली खेलते वक्त आँख पर विशेष ध्यान दें। डॉ पी पी मिश्रा ने यह भी कहा कि होली ऑर्गेनिक या अच्छे रंग से होली खेलें।
वरीय पेट रोग विशेषज्ञ डॉ अमित बंका
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डॉ अमित बंका
वरीय पेट रोग विशेषज्ञ डॉ अमित बंका का कहना है कि होली में खानपान को लेकर लोग थोडा बहुत लापरवाह हो ही जाते हैं इसलिए लोगों की तबियत खराब हो जाना कोई बड़ी बात नहीं। इसलिए होली में ज्यादा स्पाइसी, ऑयली और फास्ट फूड नहीं खाना चाहिए। डॉ अमित बंका का कहना है कि हरी सब्जी का ज्यादा सेवन करें। उन्होंने कहा कि होली में लोग अक्सर नशा का सेवन करते हैं लेकिन नशीली चीजों का प्रयोग बिल्कुल न करें । उन्होंने कहा कि पुआ पकवान खाएं लेकिन सीमित मात्रा में खाएं। और जो भी खाएं उसके गुणवत्ता पर जरुर ध्यान दें।
ये करें
अगर बहुत ज्यादा गैस बनने लगे या उल्टियाँ होने लगे तो पेंटरोप्राजोल दायजिन तत्काल ले सकते हैं । लेकिन अगर परेशानी इससे अधिक होने लगे तो तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें।
वरीय मनोचिकित्सक डॉ बिंदा सिंह
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डॉ बिंदा सिंह (मनो चिकित्सक)
वरीय मनोचिकित्सक डॉ बिंदा सिंह का कहना है कि परम्परागत सांस्कृतिक और होली का स्वरूप बदल गया है। होली के नाम पर अपनी गलत मंशा को पुरा करने और अश्लील हरकत करने से वाज नही आते। होली में कुछ लोग अश्लील मानसिकता वाले होते हैं जो होली के नाम पर अभद्र टच करते हुए अपने मन में छुपे हुए बुरे ख्याल को निकालने की कोशिश करते हैं। होली में ऐसे लोगों से जरुर परहेज करें। डॉ बिंदा सिंह का कहना है कि कुछ लोग भाभी कह कर मजाक के तौर पर कुछ गंदी तरह से छूकर होली खेलने की कोशिश करते हैं। इस तरह की गलत मानसिकता वाले लोगों से बचना चाहिए। जहां तक होली खेलने की बात है तो लोग महिलाओं और लडकियों को हल्का टीका लगाकर भी होली मनाया जा सकता है।
ऐसे समझें लोगों की गलत मानसिकता
डॉ बिंदा सिंह का कहना है कि उस तरझ के लोगों के बॉडी लैंग्वेज और उनके नजरों से पता चल जाता है कि सामने वाले की मानसिकता क्या है। टच करने के तरीके से भी पता चल जाता है कि वो क्या चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शारीरिक हाव-भाव, और facial expressions भी बता देता है अगले की मानसिकता क्या है।