कर्नाटक में छात्राओं के हिजाब पहनने को लेकर जारी विवाद के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बड़ी बात कही। उन्होंने मामले को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि राज्य में हिजाब कोई मुद्दा नहीं है। यहां धार्मिक भावनाओं का आदर सम्मान किया जाता है।
नीतीश ने एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा कि अगर कक्षा में कोई अपने सिर पर कुछ रखता है, तो इस पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। बिहार में यह कोई मुद्दा नहीं है, हमें ऐसी चीजों पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए, ये गैर-जरूरी है। मामला अदालत में विचाराधीन है।
नीतीश ने कहा कि बिहार के स्कूलों में बच्चे लगभग एक जैसी ड्रेस पहनते हैं। अगर कक्षा में कोई अपने सिर पर कुछ रखता है, तो इस पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। हम ऐसे मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते। हम एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का आदर करते हैं। राज्य सरकार के लिए सभी बराबर हैं।
हम परिवारवाद नहीं करतें हैं: नीतीश
- प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री को सच्चा समाजवादी बताए जाने के पर नीतीश ने कहा कि ये उनकी कृपा है कि उन्होंने ये बात कही। आप सब जानते हैं कि हम सबलोग लोहिया जी के ही शिष्य हैं। ये बात सही है कि समाजवाद का निर्माण उन्होंने किया, समाज को चलाया। हमलोग कोई परिवारवाद नहीं करते हैं। हम सबदिन से यही कहते हैं कि पूरा बिहार एक परिवार है।
- नीतीश ने कहा कि कुछ लोग अपने घर के परिवार को ही परिवार कहते हैं और उसी परिवारवाद में रहते हैं, जहां समाजवाद खत्म हो जाता है। समाजवाद बड़ी बुनियादी चीज है। समाजवाद के मामले में सभी लोग एक परिवार हैं। हमलोग छात्र जीवन से ही राजनीति में हैं। उसी समय से समाजवाद से प्रभावित हैं। जो पहले से होता रहा है और आजकल जो हो रहा है, इसको देखते हुए प्रधानमंत्री ने यह बात कही है।
विशेष राज्य के दर्जे की मांग दोहराई
मुख्यमंत्री नीतीश ने सोमवार कहा कि बिहार विशेष राज्य का दर्जा पाने का हकदार है और इसके लिए हम आवाज उठाते रहेंगे। विशेष दर्जा एक राज्य को कई केंद्रीय विशेषाधिकार प्रदान करता है। यह बिहार के लिए बहुत आवश्यक है। नीति आयोग के अनुसार बिहार एक पिछड़ा राज्य है। इसलिए हमें यह मिलना चाहिए।