बिहार की राजधानी पटना के विस्तार और शहरीकरण को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने पटना के निकट प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप पाटलिपुत्र के लिए मास्टर प्लान के तहत अधिसूचना जारी कर दी है। बिहार सरकार का कहना है कि विकास के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से यह किया जा रहा है। बिहार सरकार का कहना है कि इस निर्णय के तहत, टाउनशिप के लिए चयनित विशेष क्षेत्र और कोर क्षेत्र में भूमि की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर 30 मार्च 2027 तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
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क्यों लिया गया यह फैसला?
इस संबंध में नगर विकास विभाग का कहना है कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए पाटलिपुत्र को एक आधुनिक और योजनाबद्ध शहर के रूप में विकसित किया जाना है। यदि अभी बेतरतीब निर्माण या जमीन की खरीद-बिक्री जारी रहती है, तो भविष्य में सड़कों, पार्कों और ड्रेनेज सिस्टम के लिए जोनल प्लान लागू करने में बाधा आएगी। इसलिए बिहार सरकार ने अब जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। यह रोक 30 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी, ताकि इस दौरान जोनल प्लान का काम निर्बाध रूप से पूरा किया जा सके।
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जानिए कहाँ की जमीन के लिए लग गया अब रोक
नगर विकास एवं आवास विभाग ने पटना के निकट प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप पाटलिपुत्र के लिए मास्टर प्लान के तहत जिन क्षेत्रों की जमीन पर सरकार ने रोक लगाई है उसमें दानियावा, धनरुआ, फ़तवा, मसौढ़ी, नौबतपुर, पटना ग्रामीण, फुलवारी, पुनपुन और संपतचक के क्षेत्र शामिल हैं, जहां के लिए सरकार ने सख्त आदेश जारी कर दिया है कि अब in क्षेत्रों में अब न तो कोई जमीन खरीद सकता है और न ही कोई बेच सकता है।