मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत लाभ न मिलने से नाराज जीविका दीदियों ने बुधवार को नवादा के सिरदला बाजार स्थित जीविका कार्यालय का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से पहुंची हजारों महिलाओं ने सरकार और विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महीनों से आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन न तो उनके आवेदन ऑनलाइन किए गए और न ही योजना की राशि उपलब्ध कराई गई।
ऑनलाइन आवेदन नहीं, लाभ भी अधूरा
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें दो से तीन महीनों तक “अभी मिलेगी राशि” कहकर टरकाया जाता रहा। कई महिलाओं को यह तर्क देकर लौटा दिया गया कि वे जीविका समूह की नहीं, बल्कि फेडरेशन की सदस्य हैं, इसलिए उनका आवेदन नहीं लिया जाएगा। महिलाओं का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण वे योजना के लाभ से वंचित हैं।
कार्यालय में घुसते ही कर्मचारी ताला लगाकर फरार
आक्रोशित भीड़ जब जीविका कार्यालय पहुंची और भीतर चली गई, तो कार्यालय कर्मियों ने बिना कुछ बताए मुख्य गेट में ताला लगाकर वहां से फरार हो गए। दीदियों का आरोप है कि एरिया कोऑर्डिनेटर राजकुमार भी मौके से भाग निकले।
फॉर्म गायब करने का आरोप, सड़क पर उतरने की चेतावनी
महिलाओं ने राजकुमार का पीछा कर कार्यालय से करीब सौ मीटर दूर घेर लिया। आरोप है कि कार्यालय कर्मियों ने कई महिलाओं के आवेदन फॉर्म गायब कर दिए, जबकि कुछ को उनके फॉर्म वापस थमा दिए गए। इस दौरान बाजार में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
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मंजू दीदी, रंजू दीदी, बबीता, रंजना, सविता, रीता सहित 15 पंचायतों की महिलाओं ने बताया कि वे वर्ष 2011 से जीविका समूह से जुड़ी हैं, फिर भी लगभग 1100 महिलाएं योजना के लाभ से वंचित कर दी गई हैं। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे सड़क पर उतरकर जाम लगाएंगी।
एरिया कोऑर्डिनेटर ने लगाए गए आरोपों को खारिज किया
वहीं, एरिया कोऑर्डिनेटर राजकुमार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मामले की जांच होने पर पूरी सच्चाई उजागर हो जाएगी।