गया के गांधी मैदान में धू-धू कर जला रावण
- फोटो : अमर उजाला
गया के ऐतिहासिक गांधी मैदान में विजयादशमी के दिन रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का धू-धू कर जलना दशहरा के भव्य समापन का प्रतीक बना। असत्य पर सत्य की जीत का यह पर्व देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ी थी। श्री दशहरा कमिटी द्वारा भगवान श्री राम की शोभा यात्रा गांधी मैदान तक लाई गई, जिसके बाद लोगों ने जोरदार जय श्री राम के नारे लगाए।
गांधी मैदान में 1953 से लगातार दशहरा कमिटी द्वारा रावण दहन का आयोजन होता आ रहा है। इस वर्ष भी 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया था। रावण के जलते ही आसमान में आतिशबाजी का शानदार नजारा दिखा, जिसने पूरे माहौल को उत्सवमय कर दिया।
कड़ी रही सुरक्षा व्यवस्था
रावण दहन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। गांधी मैदान के सभी गेट पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। डीएम डॉ. त्याग राजन एसएम और एसएसपी आशीष भारती समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा की देखरेख में लगे थे। भीड़ की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया।
रावण दहन के बाद भीड़ को सुरक्षित तरीके से मैदान से बाहर निकालने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि कोई अव्यवस्था न हो। आतिशबाजी और रावण के पुतले के दहन ने पूरे मैदान में उत्साह और उल्लास का माहौल बना दिया। इसके साथ ही दशहरा का यह पर्व सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।