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बिहार: तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग और सीएम सम्राट पर हमला, बोले- एसआईआर से भाजपा को फायदा पहुंचाना मकसद

Sun, 04 Oct 2026 08:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद

सार

औरंगाबाद में तेजस्वी यादव ने एसआईआर के जरिए भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमला बोला। उन्होंने जमुई मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को घेरा। रफीगंज के पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह राजद में शामिल हुए।
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पूर्व विधायक के साथ एक ही माला में तेजस्वी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार को निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए भाजपा को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। तेजस्वी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधते हुए जमुई की नाबालिग पीड़िता से जुड़े मामले में सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

औरंगाबाद के गांधी मैदान में रफीगंज के पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह के राजद में शामिल होने के मौके पर आयोजित मिलन समारोह को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार और बंगाल के बाद अब उत्तर प्रदेश में एसआईआर के जरिए फिर से सरकार बनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तैयारी को हर हाल में विफल करना होगा।

तेजस्वी ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम काटकर भाजपा को लाभ पहुंचाना उनका मकसद है। इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुचिता बेहद महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने से आम लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। इसका सीधा लाभ भाजपा को मिलेगा।

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जमुई की नाबालिग पीड़िता के मामले में सीएम को घेरा
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमुई की नाबालिग पीड़िता से जुड़े मामले को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एनकाउंटर की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसा नहीं होने पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।

तेजस्वी ने सवाल उठाया कि जमुई में नाबालिग लड़की के साथ हुई घटना के मामले में अब तक उस कथित सख्ती का क्या हुआ? उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि अपराध और महिला सुरक्षा के मामलों में बयानबाजी के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिजनों के साथ तस्वीर साझा किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि तस्वीर साझा होने से पीड़िता की पहचान उजागर होने का खतरा पैदा हुआ। इसके बाद पटना के सचिवालय थाने में मुख्यमंत्री कार्यालय के एक कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले को दबाने की कोशिश की गई और तस्वीर को सोशल मीडिया हैंडल से हटा दिया गया।

तेजस्वी ने सवाल किया कि यदि किसी आम व्यक्ति के खिलाफ नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में कार्रवाई होती है, तो मुख्यमंत्री और उनके कार्यालय से जुड़े लोगों के मामले में भी कानून के प्रावधानों का पालन होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिहार में राजतंत्र नहीं, बल्कि लोकतंत्र है। यहां संवैधानिक व्यवस्था के तहत कानून का पालन होना चाहिए। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अपने ही दावों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार से जनता के सामने जवाब देने की मांग की।

अशोक कुमार सिंह की राजद में वापसी का स्वागत
मिलन समारोह के आरंभ में तेजस्वी यादव ने रफीगंज के पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह को राजद की सदस्यता दिलाई। उन्होंने अशोक कुमार सिंह को कंधे पर हरा गमछा पहनाकर पार्टी में उनका स्वागत किया। इस दौरान अशोक सिंह के साथ बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी राजद में शामिल हुए। समर्थकों ने पार्टी का चुनाव चिह्न लालटेन थामने का ऐलान किया।

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बोले अशोक- हम कोठी के नहीं, झोपड़ी के राजपूत हैं
राजद में शामिल होने के बाद अशोक कुमार सिंह ने कहा कि उनके पार्टी में आने से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है। भाजपा के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, "हम कोठी के नहीं, झोपड़ी के राजपूत हैं। मेरे राजद में शामिल होने से मुझ जैसे झोपड़ी वाले राजपूतों को खुशी है।"

उन्होंने कहा कि राजद उनके लिए कोई नया घर नहीं, बल्कि पुराना घर है। उनके पिता रामाधार सिंह गुरुआ से निर्दलीय विधायक रहते हुए लालू प्रसाद के साथ रहे थे। लालू प्रसाद ने उनके पिता को भी सम्मान दिया था। अब वह भी अपने पुराने घर में सम्मान के साथ लौटे हैं।

अशोक कुमार सिंह ने कहा कि राजद अब उनकी आजीवन पार्टी है। दूसरे दल में जाने का सवाल ही नहीं है। समारोह के दौरान राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं में अशोक कुमार सिंह के पार्टी में शामिल होने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

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