बिहार के मगध प्रमंडल के सबसे बड़े अस्पताल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डिस्चार्ज के नाम पर मरीज से पैसे मांगे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अमर उजाला द्वारा इस मामले में खबर चलाए जाने के बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. केके सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी बनाई है।
मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीज को डिस्चार्ज करने की एवज में आठ हजार रुपये मांगे जाने के मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉ. केके सिन्हा ने जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। जांच कमेटी में सर्जरी हेड डॉ. एके झा सुमन, आई विभाग के हेड डॉ. मोहम्मद जावेद और एनेस्थीसिया हेड डॉ. प्रेम शंकर तिवारी शामिल हैं।
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फोन कर दी कार्रवाई की जानकारी
अमर उजाला द्वारा खबर चलाए जाने के बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. सिन्हा ने फोन पर कार्रवाई की जानकारी दी थी। कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। सोमवार को अंबेडकर जयंती की छुट्टी है। मंगलवार को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला?
अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में एक मरीज के परिजनों से अस्पताल से डिस्चार्ज के नाम पर आठ हजार रुपये की मांग की गई है। यह आरोप अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी पर लगाया गया था। मामले को लेकर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एनके पासवान से भी शिकायत की गई थी।
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जानकारी के अनुसार, गया जिले के बाराचट्टी थाना अंतर्गत जयगीर गांव की रहने वाली गुड़िया कुमारी अपने पति पंकज कुमार के साथ नाक का आपरेशन कराने मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल आई थी। मंगलवार को नाक का आपरेशन हुआ था। अब वार्ड के स्वास्थ्य कर्मी के द्वारा आठ हजार रुपये की मांग किया जा रहा है। पीड़िता ने अधीक्षक डॉ. एनके पासवान को बताया कि आपरेशन के क्रम में दवा और अन्य सामान लाने में साढ़े तीन हजार खर्च हो गया। अब आठ हजार कहा से आए। इंतजाम नहीं हो सकता है।
खुल कर नहीं बोले स्वास्थ्य कर्मी
हालांकि, इस संबंध में मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एनके पासवान ने संबंधित वार्ड के नर्सिंग इंचार्ज को बुलाया गया। पूछताछ के क्रम में कोई भी स्वास्थ्य कर्मी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे। फिर मामला अधीक्षक के पास पहुंच गया।