बिहार में NEET-UG परीक्षा के दौरान फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने का बड़ा मामला सामने आया है। लखीसराय के परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार युवक की पहचान अर्पित राज के रूप में हुई है, जो गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज का चौथे वर्ष का MBBS छात्र है।
बिहार में नीट-यूजी परीक्षा के दौरान प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) का बड़ा मामला सामने आया है। लखीसराय के एक परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहे युवक को जांच के दौरान पकड़ लिया गया। गिरफ्तार युवक गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (एएनएमएमसीएच) का चौथे वर्ष का एमबीबीएस छात्र निकला। आरोपी का नाम पहले भी नीट पेपर लीक मामले की जांच में सामने आ चुका है, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।
विज्ञापन
बायोमेट्रिक जांच में पकड़ा गया फर्जी अभ्यर्थी
जानकारी के अनुसार, नीट-यूजी परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को एक परीक्षार्थी की पहचान को लेकर संदेह हुआ। जब उसकी गहन जांच की गई तो पता चला कि वह वास्तविक अभ्यर्थी नहीं है, बल्कि किसी अन्य उम्मीदवार की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। संदेह की पुष्टि होने के बाद उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया और पूछताछ शुरू कर दी गई।
एमबीबीएस छात्र निकला आरोपी
पुलिस जांच में आरोपी की पहचान अर्पित राज के रूप में हुई है। अर्पित राज गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल का चौथे वर्ष का एमबीबीएस छात्र बताया जा रहा है। एक मेडिकल छात्र के इस तरह के मामले में पकड़े जाने के बाद शिक्षा और चिकित्सा जगत में भी चर्चा तेज हो गई है।
मेडिकल कॉलेज में भी शुरू हुई चर्चा
अर्पित राज के मेडिकल कॉलेज का छात्र होने की जानकारी सामने आने के बाद एएनएमएमसीएच परिसर में भी इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि अब तक कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पहले भी नीट पेपर लीक जांच में आया था नाम
सूत्रों के मुताबिक अर्पित राज का नाम इससे पहले भी नीट पेपर लीक मामले की जांच के दौरान सामने आ चुका है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) उससे पहले कई बार पूछताछ भी कर चुकी है। हालांकि उस मामले में उसकी भूमिका को लेकर किसी जांच एजेंसी ने आधिकारिक रूप से कोई निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया था।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटीं एजेंसियां
ताजा गिरफ्तारी के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुट गई हैं कि आरोपी अकेले इस फर्जीवाड़े में शामिल था या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था। जांच का फोकस अब परीक्षा में प्रतिरूपण कराने वाले पूरे नेटवर्क पर है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई और लोगों की संलिप्तता का खुलासा हो सकता है। फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को खंगाल रही हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।