सर से मां का साया उठने के बाद अकेला हुआ पांच साल का बच्चा
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बिहार के गया में पांच साल के बच्चे को मां छोड़कर चली गई। लेकिन, बच्चे को मां की मौत का गम नहीं है। बच्चे के अंतिम सहारे के जाने के बाद उसका बसेरा कहां होगा, इसकी चिंता अस्पताल के कर्मियों में अधिक दिख रही है। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के नर्सिंग रूम में बच्चा किसके यहां रहेगा, इसका फैसला किया जा रहा था। दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन और मगध मेडिकल थाना पुलिस बच्चे की मां का अंतिम संस्कार करने की प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हुए थे।
गलत नाम-पता लिखवाकर परिजनों ने अस्पताल में कराया था भर्ती
जानकारी के मुताबिक, तीन दिन पहले गंभीर हालत में एक महिला और बच्चे को लेकर परिजन अस्पताल पहुंचे। महिला को आईसीयू में भर्ती कराया गया। उस वक्त परिजनों ने महिला का नाम जयमंती देवी, पति अनिल कुमार, गांव चंद्रशेखर नगर, थाना टिकारी लिखवाया। बीते दिन इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। इसके बाद बच्चे की जिम्मेदारी देने के लिए परिजनों को खोजा गया तो नाम और पता दोनों गलत निकले। हालांकि बच्चा अपना नाम भी सही से नहीं बता पा रहा था
परिजनों का हो रहा है इंतजार
महिला की मौत के बाद एक नर्स बच्चे को अपने साथ ले गई। उसके बाद बच्चे को अस्पताल लेकर चली आई। ताकि बच्चे के परिजन आएं और उसे लेकर जा सकें। बच्चा मां की मौत से पूरी तरह अनजान है। अस्पताल कर्मियों के साथ बच्चे ने रिश्ता भी कायम कर लिया। किसी को दादी, किसी को मम्मी और किसी को चाची और भैया आदि कहने लगा। उसकी हर मांग को पूरा करने में अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ जुटा रहा। दूसरी ओर उसकी मां के अंतिम संस्कार के लिए कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। उसी दौरान बच्चा अपने रहने की जगह नर्सिंग स्टाफ के बीच तलाश रहा था।
परिजनों की हो रही है तलाश
हालांकि अस्पताल के अधीक्षक नीरज कुमार सिंह ने बताया कि बच्चे की सूचना संबंधित थाने को दी गई है। फिलहाल बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए एक नर्सिंग स्टाफ के साथ भेजा गया है। परिजनों के मिलने पर उसे सौंप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिला को अस्पताल में भर्ती के दौरान नाम और पता गलत लिखवाया गया। इसलिए खोजने में दिक्कत आ रही है।