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Bihar Cabinet: राजनीति में आने से पहले क्या करते थे मंत्री संतोष सुमन? नीतीश का साथ छोड़कर चर्चा में आए थे

Thu, 07 May 2026 12:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी

सार

Bihar Cabinet: डॉ. संतोष कुमार सुमन बिहार की राजनीति में एनडीए के प्रमुख दलित चेहरों में शामिल हैं। प्रोफेसर से मंत्री और फिर हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक उन्होंने शिक्षा, संगठन और राजनीतिक रणनीति के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। महागठबंधन सरकार से इस्तीफा और फिर एनडीए में वापसी ने उन्हें बिहार की राजनीति का प्रभावशाली रणनीतिक नेता बना दिया।
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मंत्री संतोष सुमन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गया की धरती से निकलकर बिहार की सत्ता के केंद्र तक पहुंचे डॉ. संतोष कुमार सुमन आज एनडीए सरकार के सबसे चर्चित दलित नेताओं में गिने जाते हैं। आज उन्होंने एक बार फिर से बिहार सरकार के मंत्री के तौर पर शपथ ली है। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र होने के बावजूद उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई है। प्रोफेसर से मंत्री और फिर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक का उनका सफर संघर्ष, रणनीति और सियासी संतुलन की कहानी माना जाता है।

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शिक्षा और राजनीति दोनों क्षेत्रों में बनाई पहचान
10 फरवरी 1975 को गया जिले के महकार गांव में जन्मे डॉ. संतोष कुमार सुमन ने शिक्षा और राजनीति दोनों क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए और मगध विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल की। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वे गया कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे। शिक्षण से जुड़े होने के कारण उनकी छवि एक पढ़े-लिखे और शांत स्वभाव वाले नेता की रही है।

पिता से मिली राजनीतिक विरासत
राजनीतिक विरासत उन्हें अपने पिता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से मिली। हालांकि उन्होंने राजनीति में अपनी जगह खुद बनाई। वर्ष 2018 में वे पहली बार विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बने। इसके बाद उन्होंने तेजी से राजनीतिक मजबूती हासिल की और नीतीश सरकार में लघु जल संसाधन तथा अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री के रूप में शामिल हुए। 2020 के बाद 2023 और फिर 2025 में भी उन्होंने मंत्री पद संभालते हुए सरकार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
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हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सक्रिय
डॉ. संतोष कुमार सुमन हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। पार्टी के माध्यम से वे दलित, महादलित और पिछड़े वर्गों के मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं। बिहार की राजनीति में वे एनडीए के एक महत्वपूर्ण दलित चेहरे के रूप में उभरे हैं।

इस्तीफे ने दिलाई अलग पहचान
जून 2023 में उन्होंने महागठबंधन सरकार से इस्तीफा देकर बिहार की राजनीति में बड़ा संदेश दिया था। बाद में हम पार्टी ने एनडीए के साथ वापसी की और वे दोबारा मंत्री बने। इस राजनीतिक फैसले ने उन्हें बिहार की राजनीति में एक रणनीतिक खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर दिया।

विपक्ष पर हमलावर रहने वाले नेता
राजनीतिक तौर पर सक्रिय रहने के साथ-साथ वे विपक्ष पर भी खुलकर हमला बोलते हैं। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बयानों पर सवाल उठाते हुए वे बिहार को ज्ञान और मोक्ष की धरती बताते रहे हैं। उनकी राजनीतिक शैली आक्रामक होने के साथ-साथ संतुलित भी मानी जाती है।

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कितनी है संतोष सुमन की संपत्ति
सम्राट सरकार के मंत्री और हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन के द्वारा 2025 में घोषित आंकड़ों के मुताबिक उनके पास करीब 2.57 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति है। इसमें लगभग 1.56 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। हलफनामे के अनुसार उनकी पत्नी दीपा मांझी उनसे अधिक संपन्न हैं। वहीं डॉ. संतोष सुमन को राइफल और रिवॉल्वर रखने का भी शौक है। उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।

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