गयाजी जिले के मानपुर प्रखंड से लोकतंत्र की नींव को झकझोरने वाली एक गंभीर और शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के एक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) पर मतदाता प्रपत्र ऑनलाइन करने के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप लगा है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा कृत्य कैमरे में कैद हो गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है और प्रशासन को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा है।
‘चाय-पानी’ के नाम पर वसूली, घटना का वीडियो आया सामने
मामला मानपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय नौरंगा के उर्दू बूथ संख्या 119 का है, जहां कार्यरत बीएलओ गौरीशंकर पर मतदाता फॉर्म ऑनलाइन करने के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से ₹20 से लेकर ₹40 तक की अवैध वसूली का आरोप है। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा और सुना जा सकता है कि बीएलओ एक मतदाता से दो फॉर्म के लिए ₹40 लेने की बात स्वीकार कर रहे हैं। जब मतदाता उनसे पूछते हैं कि क्या यह सेवा निशुल्क नहीं है? इसपर बीएलओ जवाब देते हैं कि अरे भाई, चाय-पानी के लिए लिए हैं, तो क्या हो गया?
यह भी पढ़ें- Bihar News: किशोर का फंदे से लटका मिला शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका; पुलिस जांच में जुटी
‘सिर्फ एक बीएलओ नहीं, कई हो सकते हैं शामिल’
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। कई लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीएलओ गौरीशंकर लंबे समय से इसी तरह से काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक उदाहरण है, कई बीएलओ ऐसे ही चुपचाप पैसे वसूलते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीएलओ हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति देखकर राशि मांगते थे- किसी से ₹10, किसी से ₹20 और किसी से ₹40 तक।
चुनाव आयोग की गाइडलाइन का खुला उल्लंघन
भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट रूप से निर्देश दे रखा है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधारने से संबंधित सभी सेवाएं पूरी तरह निशुल्क हैं। किसी भी स्थिति में कोई अधिकारी मतदाता से शुल्क नहीं मांग सकता। ऐसे में बीएलओ द्वारा ‘चाय-पानी’ के नाम पर पैसे लेना न सिर्फ गाइडलाइंस का उल्लंघन है, बल्कि मतदाता अधिकारों की खुली अनदेखी है।
वीडियो में बहस के अंश ने खोली पोल
वायरल वीडियो में मतदाता और बीएलओ के बीच जो बातचीत होती है, वह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की पुष्टि करती है। बातचीत में बीएलओ खुद स्वीकार करते हैं कि उन्होंने पैसे लिए हैं और इसे सामान्य बताते हैं। मतदाता जब पूछते हैं कि क्या इसमें पैसा लगता है? ये तो फ्री होता है। इसपर बीएलओ चिढ़कर कहते हैं कि हां तकलीफ है तो जाइए।
यह भी पढ़ें- Bihar News: कांवड़ियों से भरा ई-रिक्शा पलटा, चार श्रद्धालु घायल; चालक मौके से फरार
बीडीओ ने दिए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
मामला सामने आने के तुरंत बाद मानपुर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) वेद प्रकाश ने घटना पर गंभीरता दिखाते हुए संबंधित बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया। बीडीओ ने स्पष्ट कहा कि यह मामला पूरी तरह से जनविश्वास को ठेस पहुंचाने वाला है। ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।