बिहार में पुलों की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आईआईटी पटना की जांच रिपोर्ट ने गया जिले में चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में जिले के तीन पुलों की स्थिति बेहद जर्जर बताई गई है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
तीन पुलों की हालत गंभीर
आईआईटी पटना की तकनीकी जांच में बोधगया विधानसभा क्षेत्र का बसातपुर–सिलौंजा पुल, अतरी विधानसभा क्षेत्र का चटकी–दरियापुर गोरा रोड पुल और बेलागंज विधानसभा क्षेत्र में राज बिगहा से बेलदार बिगहा जाने वाला पुल बेहद कमजोर पाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन पुलों की संरचना में गंभीर खामियां हैं और लगातार भारी वाहनों के दबाव से इनकी स्थिति और खराब हो चुकी है। इन पुलों से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, जिससे खतरा बढ़ गया है।
पहले भी क्षतिग्रस्त हो चुका है पुल
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले वर्ष बरसात के दौरान बसातपुर–सिलौंजा मार्ग का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। उस समय कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया था और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।
विक्रमशिला हादसे के बाद हुई जांच
हाल ही में विक्रमशिला पुल के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के बाद बिहार सरकार ने राज्यभर के पुलों की तकनीकी जांच शुरू कराई थी। इसी क्रम में आईआईटी पटना की टीम ने गया जिले के कई पुलों का निरीक्षण किया। रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
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लोगों में डर का माहौल
रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद आसपास के गांवों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलों की खराब स्थिति लंबे समय से नजर आ रही थी, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इन पुलों पर भारी वाहनों की आवाजाही तत्काल रोकी जाए और सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।