आईआईटी पटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट ने बिहार के पुलों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के नौ पुल खतरे की श्रेणी में पाए गए हैं, जिनमें मुजफ्फरपुर जिले के दो प्रमुख पुल भी शामिल हैं। इनमें बूढ़ी गंडक नदी पर बना दादर पुल और माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज शामिल है।
उत्तर बिहार की लाइफलाइन माने जाने वाले पुल पर खतरा
मुजफ्फरपुर को दरभंगा से जोड़ने वाला दादर पुल उत्तर बिहार की लाइफलाइन माना जाता है। आईआईटी पटना की टीम द्वारा किए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट में पुल की स्थिति चिंताजनक बताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुल के कई हिस्सों में सरिया बाहर निकल आया है, गार्डर कमजोर हो चुके हैं और कई स्थानों पर रेलिंग टूटी हुई है। विशेषज्ञों ने पुल की तत्काल मरम्मत और मजबूतीकरण की आवश्यकता बताई है।
माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज की हालत भी खराब
रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज की स्थिति को भी गंभीर बताया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में इस पुल का एक हिस्सा गिर चुका था। अब फिर से पुल की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय निवासी दीनबंधु कुमार ने कहा कि सरकार हर बार जांच तो कराती है, लेकिन सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते। उन्होंने कहा कि बिहार में पुलों के गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन इससे सबक नहीं ले रहा। वहीं, दीपक कुमार रजक ने कहा कि पुलों की हालत बेहद खराब है और सरकार को इस दिशा में जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
सरकार पर बढ़ा दबाव
आईआईटी पटना की रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग पर दबाव बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो बड़ा हादसा हो सकता है।