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Bihar : किन शिक्षकों के खाते में शिक्षा विभाग ने डाले ढेर सारे रुपये? अब अधिकारी ने पत्र जारी कर बताया कारण

Thu, 14 May 2026 06:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी

सार

Bihar News: शिक्षक ज्यादा पैसे देख चौंके, लेकिन खुश होने के साथ डरे हुए भी थे कि आखिर हुआ क्या! शिक्षा विभाग ने ढेर सारे रुपये किसे-क्यों भेज दिए थे, इसकी वजह अब अधिकारियों ने पत्र जारी कर बता दी है। जानिए अब आगे की खबर।
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जिला शिक्षा विभाग कार्यालय की फाइल फोटो
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विस्तार
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गया जिले में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एचआरएमएस प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ी के कारण 68 शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के खातों में 58.76 लाख रुपये अतिरिक्त भेज दिए गए। मामला सामने आने के बाद विभाग ने सभी संबंधित कर्मियों को राशि वापस जमा कराने का निर्देश जारी किया है।

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एचआरएमएस सिस्टम की गड़बड़ी
शिक्षा विभाग के अनुसार गया जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान वेतन भुगतान के समय एचआरएमएस प्रणाली में तकनीकी त्रुटि हो गई। इस कारण कई शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के खातों में तय राशि से अधिक पैसा ट्रांसफर हो गया। बाद में विभागीय जांच के दौरान गड़बड़ी पकड़ी गई तो अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। डीपीओ (स्थापना) आनंद कुमार ने पत्र जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अतिरिक्त भुगतान मानवीय भूल नहीं बल्कि तकनीकी समस्या के कारण हुआ है। विभाग ने अब रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

68 लोगों के खातों में गई अतिरिक्त राशि
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिन 68 लोगों के खातों में अतिरिक्त राशि गई है, उनमें 41 मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और 27 शिक्षक शामिल हैं। इन सभी को सरकारी राशि वापस जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कारण अब यह राशि अलग एचआरएमएस हेड के माध्यम से बैंक चालान द्वारा जमा कराई जाएगी। इसके लिए संबंधित शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को निर्धारित प्रक्रिया अपनानी होगी।
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पैसे लौटाने के लिए अब क्या करना होगा?
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कहा है कि सभी संबंधित लोग जल्द से जल्द अतिरिक्त राशि सरकारी खाते में जमा करें। जमा चालान की मूल प्रति डीपीओ कार्यालय में सुरक्षित रखने को भी कहा गया है, ताकि भविष्य में ऑडिट या जांच के दौरान उसे रिकॉर्ड के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। सूत्रों के अनुसार विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और भविष्य में ऐसी तकनीकी त्रुटि दोबारा न हो, इसके लिए एचआरएमएस सिस्टम की तकनीकी जांच भी कराई जा सकती है।

इन प्रधानाध्यापकों को मिला अधिक वेतन
अभय सिंह, अजय कुमार सिंह, अजीत कुमार, अक्षय कुमार, अरविंद कुमार, भोला साह, बिंदु रानी, विनोद बिहारी पांडे, चंद्रमणि कुमार, चंद्रशेखर आजाद, देवनंदन प्रसाद, देवाश्रय पासवान, धनंजय प्रसाद, धीरेंद्र नारायण सिंह, इतवारी पांडे, हीरालाल बैठा, जयप्रकाश कौशल सिंह, महावीर सिंह, महेंद्र दास, महेंद्र प्रसाद, महेंद्र प्रताप, मोहम्मद रहमतुल्लाह, मिथिलेश कुमार, नवीन कुमार अटवरा, नवीन कुमार, नीरज कुमार, निलेश कुमार सिंह, राजेंद्र सिंह चंद्र, रामवृक्ष प्रसाद, रामनरेश सिंह, रविंद्र कुमार, संजीव कुमार, सर्वेंद्र दास, साजिद परवेज अंसारी, शकील अहमद खान, शक्ति कुमार, सुबोध कुमार, उपेंद्र प्रसाद, विजय चौधरी, विजय कुमार और विजय कुमार सिंह शामिल हैं।

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इन शिक्षकों के खातों में गई अतिरिक्त राशि
अवधेश कुमार, बंशीधर त्रिवेदी, विनोद कुमार, नवीन देवेंद्र प्रसाद, देवकी कुमारी, दिनेश चौधरी, गौतम कुमार, गोपाल पासवान, कुंदन कुमार मस्ताना, महेश दास, मनोज कुमार, मनोज रजक, मोहम्मद इरफान आलम, मोहम्मद मुर्तजा अहमद, मोहम्मद शमशुद्दीन, नंदकिशोर चौधरी, प्रमिला कुमारी, प्रमोद पांडे, राहुल कुमार, राजेश कुमार, रमाकांत कुमार, श्रीराम प्रजापति, सूर्य देवदास और उपेंद्र कुमार के नाम शामिल हैं।

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