गयाजी के पावरगंज में भव्य पंडाल में विराजमान हुए गणपति बप्पा
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मोक्ष और ज्ञान की नगरी गयाजी में इस बार भी गणपति महोत्सव की भव्य शुरुआत हो गई है। खास बात यह है कि गणपति बप्पा की प्रतिमा लगातार दसवें वर्ष मुंबई से करीब 1700 किलोमीटर का सफर तय कर ट्रेन के जरिए गयाजी पहुंची है। पावरगंज के एक सनातनी परिवार की अनोखी आस्था अब पूरे इलाके की पहचान बन चुकी है।
पावरगंज के राजा के रूप में विराजे गणपति
भगवान विष्णु की नगरी गयाजी के पावरगंज बैरागी मोहल्ले में भव्य पंडाल सजाकर गणपति बप्पा को पावरगंज के राजा के रूप में विराजमान किया गया है। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ 10 दिवसीय गणपति महोत्सव की शुरुआत हुई। अब श्रद्धालु प्रतिदिन गणपति बप्पा के दर्शन कर सकेंगे। पूरे क्षेत्र को आकर्षक रोशनी और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया है।
मुंबई से 1700 किमी का सफर कर पहुंचे बप्पा
इस महोत्सव की सबसे खास बात यह है कि गणपति बप्पा की प्रतिमा मुंबई से करीब 1700 किलोमीटर की यात्रा कर गयाजी पहुंचती है। पहले प्रतिमा छोटी होने के कारण उसे ट्रेन की बर्थ बुक कर लाया जाता था, लेकिन इस बार 4.5 फीट ऊंची प्रतिमा होने के कारण मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस के पार्सल वैन से लाया गया। प्रतिमा लाने में करीब 4500 रुपये का किराया लगा। इस बार सुनहरे रंग की प्रतिमा में गणपति बप्पा गोल्डन पगड़ी पहनकर आसन पर विराजमान हैं।
भक्त की आस्था बनी पूरे शहर की पहचान
गणपति बप्पा को मुंबई से गयाजी लाने वाले व्यवसायी देवोत्तम कुमार की आस्था पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी रहती है। उन्होंने वर्ष 2017 में अपने नए प्रतिष्ठान के उद्घाटन के अवसर पर पहली बार गणपति बप्पा की स्थापना की थी। उसी दिन उन्होंने संकल्प लिया कि हर साल गणेश चतुर्थी पर मुंबई से प्रतिमा लाकर भव्य गणपति उत्सव मनाएंगे। तब से यह परंपरा लगातार जारी है और अब यह उत्सव पावरगंज क्षेत्र की पहचान बन चुका है।
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महोत्सव में होंगे विशेष धार्मिक आयोजन
आयोजकों के अनुसार, 16 सितंबर को गणपति बप्पा को विशाल मोदक का भोग लगाया जाएगा। वहीं, 20 सितंबर को 956 प्रकार के शुद्ध भारतीय व्यंजनों का महाभोग अर्पित किया जाएगा। 21 सितंबर को पंडाल परिसर में डांडिया महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। 24 सितंबर को गणपति बप्पा की भव्य विदाई यात्रा के साथ दस दिवसीय महोत्सव का समापन होगा। हर वर्ष मुंबई से गयाजी तक गणपति बप्पा को लाने की यह अनोखी परंपरा श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बन चुकी है। दूर-दूर से लोग पावरगंज के राजा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।