पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
बिहार के नवादा जिले के पकरीबरावां थाना क्षेत्र में बीते शुक्रवार को हुए बुधौली ग्राम पंचायत के वर्तमान मुखिया पप्पू मांझी के हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्रभारी थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि हत्या के बाद पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए लगातार घटना के कारणों के खुलासे के लिए पुलिस काम कर रही थी। इसे लेकर नवादा के पुलिस कप्तान के नेतृत्व में डीआईयू और एसआईटी का गठन किया गया था। इस एसआईटी द्वारा तकनीकी अनुसंधान में पता चला कि मुखिया पप्पू मांझी हत्याकांड में मुखिया प्रतिनिधि अमरेंद्र यादव की अहम भूमिका है।
प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि मुखिया प्रतिनिधि अमरेंद्र ने ही मुखिया की हत्या की साजिश रची थी। मुखिया पप्पू मांझी पिछले कुछ दिनों से मुखिया प्रतिनिधि अमरेंद्र यादव की बात नहीं मान रहे थे और कई बातों पर दोनों में कहासुनी हुई थी। यहां तक कि गांव में ही इंटर विद्यालय बुधौली में बीते कुछ दिनों से मनरेगा के तहत चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) का काम चल रहा था। उसको लेकर भी मुखिया द्वारा विरोध किया गया था, जिसके बाद मुखिया प्रतिनिधि ने मुखिया की हत्या का मन बना लिया।
उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड के लिए मुखिया के मित्र और दिऔरा गांव निवासी राम नंदन सिंह के बेटे मनीष सिंह का सहारा भी लिया गया। वहीं, मनीष सिंह ने ही मुखिया को फोन कर घर से बाहर बुलाया और जैसे ही मुखिया अपने मित्र मनीष सिंह के पास आया तो अमरेंद्र यादव ने गोली मारकर मुखिया की हत्या कर दी। सारा मामला पैसे के लेन-देन को लेकर हुआ था। पुलिस ने पप्पू मुखिया हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि घटना में प्राथमिक आरोपी रामनंदन सिंह के बेटे मनीष सिंह और अप्राथमिक आरोपी बुधौली गांव निवासी उगनी प्रसाद के बेटे अमरेंद्र यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गौरतलब है कि गिरफ्तार अमरेंद्र इसी जिले के रोह प्रखंड में पंचायत रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत है। उसे बुधौली पंचायत का सुपर मुखिया कहा जाता था। वजह, पप्पू मांझी को उसी ने अपने समर्थन से मुखिया बनवाया था। अमरेंद्र के अलावा गिरफ्तार दूसरा शख्स मनीष सिंह इसी पंचायत के दिऔरा गांव का निवासी बताया गया है, जो मुखिया का चहेता बताया जा रहा है। दोनों को जेल भेज दिया गया है।