देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शनिवार से बोधगया दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, विभिन्न हाईकोर्टों के जजों, न्यायिक अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों सहित करीब 250 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सम्मेलन को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बोधगया को हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया है।
न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन एक मंच पर
बिहार ज्यूडिशियल एकेडमी और बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (बिपार्ड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधान पर विचार-विमर्श करना है। देशभर से आए न्यायिक, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अपने अनुभव साझा करेंगे और कानूनों के प्रभावी अनुपालन के लिए रणनीति तैयार करेंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन
सम्मेलन का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के अलावा विभिन्न हाईकोर्टों के न्यायाधीश, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अभियोजन अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। चर्चा के दौरान नए कानूनों के तहत जांच प्रक्रिया, अभियोजन और न्यायिक प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर मंथन होगा।
1500 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
वीवीआईपी आगमन को देखते हुए बोधगया में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। करीब 1500 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की गई है। एयरपोर्ट, होटल, सम्मेलन स्थल और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को लगाया गया है। डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता और विशेष सुरक्षा इकाइयों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
ये भी पढ़ें-
Bihar: प्रभु श्रीराम के साथ गद्दारी करने वालों को नहीं बख्शेंगे', राम मंदिर मामले पर केंद्रीय मंत्री का बयान
आठ घंटे तक ट्रैफिक रहेगा प्रभावित
शनिवार सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक बोधगया के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं। आम लोगों से अपील की गई है कि वे निर्धारित रूट का ही उपयोग करें और प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें। हालांकि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को इस व्यवस्था से छूट रहेगी।
देशभर की निगाहें बोधगया पर
नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद आयोजित यह सम्मेलन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के बीच होने वाला यह मंथन कानूनों के प्रभावी और समन्वित क्रियान्वयन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।