फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: कोलकाता डॉक्टर दुष्कर्म कांड में पीड़ित परिजनों की अब बिहार सरकार से न्याय की गुहार, कहा- उठाए ठोस कदम

Wed, 30 Jul 2025 02:22 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी

सार

Bihar: पीड़ित पिता ने बिहार सरकार को न्याय दिलाने की अपील करते हुए एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा है। साथ ही, उन्होंने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
विज्ञापन
पीड़िता के माता पिता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में बीते वर्ष नाइट ड्यूटी पर तैनात एक महिला पीजी डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। पीड़िता के माता-पिता मंगलवार को बिहार के गया पहुंचे, जहां उन्होंने बेटी की आत्मा की शांति के लिए विष्णुपद मंदिर के निकट फल्गु नदी के देवघाट तट पर पिंडदान किया।

इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि घटना को एक वर्ष से अधिक बीत चुका है, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि आरोपी को जमानत तक मिल गई। यह न सिर्फ हमारी बेटी के लिए, बल्कि देश की उन तमाम बेटियों के लिए खतरा है, जो सेवा-भावना से डॉक्टर बन रही हैं।

पीड़ित पिता ने बिहार सरकार को न्याय दिलाने की अपील करते हुए एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा है। साथ ही, उन्होंने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर अब भी चुप्पी साधी गई, तो यह भविष्य की पीढ़ी के लिए घातक होगा।

विज्ञापन


पढ़ें: जाम से निजात दिलाने में खुद प्रशासन फेल, डीएम फंसीं रहीं घंटों जाम में; छूटे

क्या है मामला?

विज्ञापन

यह वारदात 8-9 अगस्त 2024 की रात कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज की है। 31 वर्षीय महिला डॉक्टर नाइट ड्यूटी के बाद अस्पताल के सेमिनार हॉल में आराम कर रही थीं, तभी आरोपी संजय रॉय पीछे के रास्ते से घुसा और कथित रूप से बलात्कार व हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

घटना के बाद कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। इस दौरान 42 दिनों तक जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल की थी और देशभर में चिकित्सक समुदाय में आक्रोश देखने को मिला था। लेकिन अब एक साल गुजरने के बाद भी पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। गया में पिंडदान के दौरान मृतका की मां की आंखें बार-बार भर आती थीं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें