पुराने साल की विदाई और नए वर्ष के स्वागत के नाम पर हुड़दंग करना और शराब पीना इस बार महंगा पड़ सकता है। ऐसा करने वालों पर कानून का सख्त डंडा चल सकता है। दरअसल, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को नए साल के जश्न के दौरान मौज-मस्ती और तफरीह के लिए जुटने वाले सभी पिकनिक स्पॉट्स, पर्यटन स्थलों और भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस और प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। जरा-सी चूक पर हुड़दंगियों को मौके पर ही पकड़ लिया जाएगा। इसे लेकर बिहार सरकार के मुख्य सचिव ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की और सख्त निर्देश जारी किए।
मुख्य सचिव का सख्त फरमान
बैठक में औरंगाबाद समेत सभी जिलों के अधिकारी हुए शामिल
इस बैठक में औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा, पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल, उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह एवं सदर डीसीएलआर श्वेतांक लाल शामिल हुए। इसके अलावा राज्य के सभी जिलों के प्रमुख प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
औरंगाबाद डीएम के निर्देश
मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक के तुरंत बाद औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने मद्य निषेध विभाग को जिले के सभी चेक पोस्टों पर सघन वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही चेक पोस्टों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा, ताकि जिले में अवैध शराब के परिवहन, भंडारण और आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
जिलाधिकारी ने औरंगाबाद सदर एवं दाउदनगर के अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चिन्हित पिकनिक स्थलों, सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों पर सतत निगरानी रखें। स्थानीय थानाध्यक्षों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित गश्ती, वाहन जांच और चेक पोस्टों पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
कोताही बर्दाश्त नहीं