गयाजी में जनता दल (यूनाइटेड) संगठन के भीतर अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। वर्षों से पार्टी के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जदयू के प्रदेश सचिव ने जिलाध्यक्ष पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस पूरे मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक पहुंचाई गई है, जिसके बाद सत्ताधारी दल के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था तक नहीं की जाती। पंचायत अध्यक्ष से लेकर प्रखंड कमिटी तक को कार्यक्रमों की सूचना नहीं दी जाती और जो कार्यकर्ता किसी तरह पहुंच भी जाते हैं, उन्हें सम्मानजनक स्थान नहीं मिलता। डॉ. चंदन कुमार यादव ने कहा कि जिन लोगों ने पहले अन्य दलों का प्रचार किया था, सरकार बनते ही उन्हें बिना किसी ठोस आधार के पार्टी में शामिल कर लिया गया, जबकि वर्षों से निःस्वार्थ भाव से काम करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है।
प्रदेश सचिव ने इसे कार्यकर्ताओं के अधिकारों का खुला हनन बताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इससे संगठन को गंभीर नुकसान हो सकता है।