17 दिनों तक चलेगा पितृपक्ष मेला
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मोक्षनगरी गयाजी में पितृपक्ष मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पितृमुक्ति के इस महापर्व को लेकर पूरा शहर सज-धजकर तैयार है। देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जिला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। राजकीय पितृपक्ष मेले का उद्घाटन आज केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा सहित कई जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगा। प्रशासन ने विष्णुपद मंदिर से लेकर मेला क्षेत्र तक सफाई, रंग-बिरंगी रोशनी और सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरा इलाका पोस्टरों और सजावट से जगमगा रहा है।
करीब 17 दिनों तक चलने वाले इस मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से लगभग दस हजार तीर्थयात्री गयाजी पहुंच चुके हैं। अधिकांश पिंडदानी शुक्रवार रात को ही यहां पहुंच गए। पिंडदान की शुरुआत आज पटना जिले के पुनपुन घाट से होगी, वहीं जो श्रद्धालु वहां नहीं जा पाएंगे, वे गयाजी स्थित गोदावरी तालाब से कर्मकांड करेंगे।
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गया श्राद्ध की प्रमुख तिथियां व पिंडवेदियां
- 06 सितंबर – पुनपुन या गोदावरी श्राद्ध
- 07 सितंबर – फल्गु श्राद्ध
- 08 सितंबर – ब्रह्मकुंड, प्रेतशिला, रामकुंड, रामशिला, कागबलि
- 09 सितंबर – उत्तर मानस, उदिची, कनखल, दक्षिण मानस, जिह्वालोल
- 10 सितंबर – बोधगया (मातंगवापी, धर्मारण्य, सरस्वती)
- 11 सितंबर – ब्रह्मसत, कागवलि, आम्रसचेन
- 12-14 सितंबर – विष्णुपद, सोलह वेदी
- 15 सितंबर – सीताकुंड, रामगया
- 16 सितंबर – गयासिर, गया कूप
- 17 सितंबर – मुंडपृष्ठा, आदि गया, धौतपद
- 18 सितंबर – भीमगया, गो प्रचार, गदालोल
- 19 सितंबर – फल्गु में दूध तर्पण, पितरों की दीपावली
- 20 सितंबर – वैतरणी श्राद्ध, गौदान
- 21 सितंबर – अक्षयवट, शैय्यादान, सुफल
- 22 सितंबर – गायत्री घाट, मातामाह श्राद्ध व आचार्य विदाई