औरंगाबाद शहर के सिन्हा कॉलेज मोड़ के पास उत्पाद विभाग की पुलिस द्वारा एक युवक को फर्जी तरीके से गिरफ्तार करने और फिर 50 हजार रुपये में मामला रफा-दफा करने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें रुपये गिनने और सौदे की बातचीत साफ-साफ सुनी जा सकती है। इस वीडियो के वायरल होने से उत्पाद विभाग की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और कई अधिकारियों पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।
80 हजार रुपये की मांगी गई थी रिश्वत
जानकारी के मुताबिक, घटना सोमवार सुबह छह से सात बजे के बीच की है। औरंगाबाद शहर के सिन्हा कॉलेज मोड़ पर उत्पाद विभाग की पुलिस ने तेंदुआ गांव निवासी धीरज कुमार को कथित रूप से फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर लिया। धीरज कुमार के अनुसार, वह रमेश चौक पर सुबह चाय पीने गया था और वापस घर लौटते वक्त सिन्हा कॉलेज मोड़ पर उत्पाद विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया। धीरज ने बताया कि टीम ने 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी और पैसे नहीं देने पर उस पर शराब से संबंधित केस लगाकर जेल भेजने की धमकी दी।
50 हजार में हुआ मामला तय
धीरज ने तत्काल अपने परिजनों को घटना की सूचना दी, जिसके बाद काफी बातचीत के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने मामला 50 हजार रुपये में तय कर लिया। पैसे देने के बाद धीरज को रिहा कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें रुपये गिनते और सौदेबाजी की बातचीत सुनी जा सकती है। वीडियो में यह भी स्पष्ट दिख रहा है कि किस तरह पैसे का लेन-देन हुआ।
उत्पाद विभाग पर लगे गंभीर आरोप
वीडियो वायरल होने के बाद उत्पाद विभाग पर गंभीर आरोप लगने शुरू हो गए हैं। इस पूरे मामले को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला पहले भी सुर्खियों में रहा था, जब जदयू नेता ने एक समान मामले को उजागर किया था। लेकिन उस वक्त उत्पाद अधीक्षक अनिल आजाद ने मामले को खारिज कर दिया था।
उत्पाद अधीक्षक की प्रतिक्रिया
इस मामले पर जब उत्पाद अधीक्षक अनिल आजाद से बातचीत की गई। उन्होंने कहा कि घटना उनके संज्ञान में आई है और जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की गहनता से जांच होगी और दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधीक्षक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाने का वादा किया है।
समाज में बढ़ रहा आक्रोश
इस घटना के बाद समाज में आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है जब उत्पाद विभाग की ओर से इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। पूर्व में भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन आरोपों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।