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Bihar News: शरीर में जान नहीं... पर हाथ में लगी हथकड़ी, पुलिस ने मानवता को मारा, क्या लाश भी उठकर भाग जाती?

Sat, 30 Aug 2025 03:35 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद

सार

Bihar: मृतक की पत्नी संजू देवी ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को जब वह पति से मिलने जेल गईं, तो उन्हें मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई। शनिवार सुबह सूचना दी गई कि धर्मेंद्र की तबीयत खराब है और अस्पताल आकर मुलाकात करें। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने पति को मृत अवस्था में पाया।
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कैदी का शव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के औरंगाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। यहां जेल प्रशासन एक बीमार कैदी को हथकड़ी लगाकर इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया। इलाज के दौरान कैदी की मौत हो गई, लेकिन मौत के बाद भी उसके हाथ में हथकड़ी लगी रही। काफी देर तक यह स्थिति बनी रही और मानवता शर्मसार होती रही। बाद में जब मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे और इस पर सवाल उठाया, तब जाकर कैदी के हाथों की बेड़ियां खोली गईं। मामला औरंगाबाद मंडलकारा से जुड़ा है।

मृतक कैदी की पहचान बारुण थाना क्षेत्र के उर्दीना गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार राम के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार को उत्पाद विभाग की टीम ने धर्मेंद्र को छह लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया था। गुरुवार को उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। शनिवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद जेल प्रशासन उसे हथकड़ी लगाकर इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद भी कैदी के हाथों से हथकड़ी नहीं खोली गई। जब मीडिया प्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान दिलाया, तब जेल पुलिस ने हथकड़ी खोली।

परिजनों का आरोप

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मृतक की पत्नी संजू देवी ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को जब वह पति से मिलने जेल गईं, तो उन्हें मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई। शनिवार सुबह सूचना दी गई कि धर्मेंद्र की तबीयत खराब है और अस्पताल आकर मुलाकात करें। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने पति को मृत अवस्था में पाया। पत्नी ने कहा कि पति को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। रोते हुए संजू देवी ने बताया कि धर्मेंद्र ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। अब बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।

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जेल प्रशासन का पक्ष

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औरंगाबाद मंडल कारा के अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि कैदी का इलाज कराने में कोई लापरवाही नहीं हुई। जैसे ही उसकी तबीयत बिगड़ी, उसे तुरंत सदर अस्पताल भेजा गया। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस जांच में जुटी

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कैदी की मौत की सूचना पर नगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और पंचनामा सहित कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को कब्जे में ले लिया। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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