केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए 2025-26 के बजट से शिलान्यास के बाद से अधर में लटकी बिहार की औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन परियोजना को पंख लग गए हैं। बजट में इस रेल लाइन परियोजना के लिए 136 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इस राशि से रेल लाइन परियोजना के प्रथम चरण का निर्माण शुरू होगा। प्रथम चरण में औरंगाबाद शहर से अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन तक 14 किमी. लम्बाई में रेल ट्रैक बिछाई जाएगी। इसके बाद दूसरे और तीसरे चरण में रेल लाइन निर्माण का कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
औरंगाबाद बिहटा रेल लाइन का निर्माण होगा पूरा
भाजपा नेता और औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने रविवार को यहां प्रेसवार्ता में बताया कि विरोधी भले ही यह प्रचारित रहे हैं कि बजट में औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन के लिए कुछ नहीं मिला है, लेकिन यह बात तथ्यों से परे है। कुछ नहीं मिलने की बात से उन्हें दु:खी होना चाहिए था। इसके उलट वे इस बात के लिए खुश हो रहे हैं कि उन्हें दुष्प्रचार का मौका मिल गया है।
136 करोड़ की राशि की स्वीकृति
उन्होंने कहा कि उनके दुष्प्रचार की हकीकत यह है कि बजट में औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन बिछाने के लिए 136 करोड़ की राशि की स्वीकृति दी गई है। इससे प्रथम चरण में औरंगाबाद से अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन तक 14 किमी. की लंबाई में रेल लाइन बिछाने का काम शीघ्र शुरू होगा। इसके बाद दूसरे-तीसरे चरण में बिहटा तक रेल लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्हें उम्मीद है कि अगले बजट में इस रेल लाइन परियोजना के लिए और भी बड़ी राशि की स्वीकृति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वे औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन परियोजना के पूरा होने के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं। 15 साल तक सांसद के रूप में इस परियोजना को लेकर लोकसभा में जो सवाल उठाए हैं, यह उसी का प्रतिफल है कि औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन परियोजना के प्रथम चरण का काम शीघ्र शुरू होने वाला है। एनएच-139 की फोरलेनिंग के प्रथम चरण में चार स्थानों पर बाईपास निर्माण के लिए अगले माह होगा टेंडर-पूर्व सांसद ने कहा कि विरोधी एनएच-139 की फोरलेनिंग को लेकर भी दुष्प्रचार कर रहे हैं। यह भी कह रहे हैं कि फोरलेनिंग की योजना गतालखाते में चली गई है। यह कहकर वे खुश हो रहे हैं, लेकिन उन्हें इससे तो दुःखी होना चाहिए था, क्योंकि आज मैं सांसद नहीं हूं।
विपक्ष के दल वाले सांसद हैं। सांसद होने के नाते इसके लिए पहल करना उनकी जिम्मेवारी बनती है, लेकिन जिम्मेवारी निभाने के बजाय एनएच-139 की फोरलेनिंग को गतालखाते में बताकर खुश हो रहे हैं। यह उनका मिथ्या प्रचार है। हकीकत यह है कि एनएच-139 की फोरलेनिंग के लिए प्रथम फेज में चार स्थानों-अम्बा, औरंगाबाद, ओबरा एवं अरवल में बाइपास का निर्माण नितांत आवश्यक है। बाइपास निर्माण के लिए एक माह में टेंडर हो जाना चाहिए। बाईपास निर्माण के बाद द्वितीय-तृतीय चरण में एनएच-139 की फोरलेनिंग का काम पूरा होगा। प्रेसवार्ता में भाजपा के जिला महामंत्री मुकेश सिंह, संजय गुप्ता, देव के पूर्व उप प्रमुख मनीष पाठक अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विनोद चंद्रवंशी, बुनकर प्रकोष्ठ के जिला संयोजक शत्रुधन सिंह, जिला मीडिया प्रभारी मितेंद्र कुमार सिंह एवं टनटन सिंह आदि मौजूद रहे।